

Nepal Official Press Accreditation Process: नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में रिपोर्टिंग करने वाले विदेशी पत्रकारों के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब इन इलाकों में कवरेज के लिए विदेशी मीडिया कर्मियों को आधिकारिक प्रेस एक्रेडिटेशन और विशेष अनुमति लेना जरूरी होगा। सरकार के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ मीडिया गतिविधियों को व्यवस्थित करना है।
नए नियम खास तौर पर भोटेकोशी और त्रिशूली नदी घाटियों जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों में लागू किए गए हैं। इन क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा के कारण सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
नेपाल में हालिया बाढ़ और भूस्खलन से कई इलाकों में स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी पत्रकारों की आवाजाही को लेकर विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किए हैं।
अब बिना पूर्व अनुमति और जरूरी पहचान पत्र के विदेशी मीडिया कर्मियों को इन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाने की अनुमति नहीं होगी। सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र में मौजूद पत्रकारों की पहचान सुनिश्चित करने और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
नई प्रक्रिया के तहत विदेशी पत्रकारों को नेपाल के सूचना और प्रसारण विभाग के समक्ष आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ पत्रकारों को अपने पासपोर्ट की जानकारी और वैध वीजा दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
इसके अलावा संबंधित पत्रकार के मूल मीडिया संस्थान की ओर से जारी औपचारिक सिफारिश भी देनी होगी। विदेशी पत्रकारों से उनके संबंधित राजनयिक दूतावास या उच्चायोग की अनुशंसा प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।
इन दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद ही पत्रकारों को संवेदनशील बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रिपोर्टिंग के लिए आवश्यक अनुमति और आधिकारिक पहचान पत्र मिल सकेगा।
विदेशी पत्रकारों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से सूचना और प्रसारण विभाग ने एक समर्पित सरकारी सहायता डेस्क स्थापित किया है। यह डेस्क पत्रकारों को आवेदन, अनुमति और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएगा।
इसके अलावा विभाग आपदा प्रभावित क्षेत्रों से सामने आने वाली सूचनाओं और आंकड़ों के सत्यापन में भी भूमिका निभाएगा। सरकार का जोर इस बात पर है कि संकट के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित होने वाली खबरों में सही और प्रमाणित जानकारी शामिल हो।
नेपाल इस समय बाढ़, भूस्खलन और व्यापक बुनियादी ढांचे के नुकसान जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाना भी प्रशासन के लिए मुश्किल बना हुआ है।
ऐसे माहौल में सरकार संवेदनशील क्षेत्रों में पत्रकारों की सुरक्षा के साथ सूचना के व्यवस्थित प्रवाह को भी प्राथमिकता दे रही है। अधिकारियों के अनुसार, पत्रकारों की पहचान और गतिविधियों का रिकॉर्ड होने से आपदा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
नेपाल सरकार का कहना है कि नए प्रोटोकॉल का उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया की मौजूदगी को व्यवस्थित और मानकीकृत करना है। प्रेस मान्यता प्रक्रिया के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वहां काम करने वाले विदेशी पत्रकारों की पहचान पहले से सत्यापित हो।
इन नियमों के तहत आधिकारिक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही विदेशी पत्रकार संवेदनशील बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर रिपोर्टिंग कर सकेंगे। ऐसे समय में जब नेपाल प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, सरकार सुरक्षा और विश्वसनीय सूचना दोनों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रही है।