नेपाल के गोरखा में मनकामना मंदिर से लौट रहे भारतीय श्रद्धालुओं की मौत (सोर्स-सोशल मीडिया)
Nepal Gorkha Road Accident Indian Pilgrims Death News: नेपाल के गोरखा जिले में एक अत्यंत दुखद सड़क दुर्घटना घटित हुई है जिसमें सात भारतीय नागरिकों की जान चली गई है। यह भीषण हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालु प्रसिद्ध मनकामना मंदिर में दर्शन करने के बाद वापस अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे। इस दुर्घटना ने एक बार फिर नेपाल की पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के गंभीर सवालों को जन्म दे दिया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रद्धालुओं को ले जा रही एक इलेक्ट्रिक माइक्रोबस अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। यह घटना साहिद लखन ग्रामीण नगरपालिका के कंतार क्षेत्र में शनिवार की शाम को घटित हुई जब बस पहाड़ी मोड़ पर मुड़ रही थी। माइक्रोबस में एक दर्जन से अधिक यात्री सवार थे और वाहन का संतुलन बिगड़ने के कारण वह सड़क से फिसलकर काफी नीचे गहराई में गिर गया।
गोरखा जिला पुलिस कार्यालय के उप पुलिस अधीक्षक राज कुमार श्रेष्ठ ने पुष्टि की है कि इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात लोगों की मृत्यु हुई है। उन्होंने बताया कि मृतकों के अलावा सात अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें तत्काल उपचार की आवश्यकता थी और उन्हें अस्पताल भेजा गया। सभी घायल यात्रियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए भरतपुर स्थित चितवन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
दुर्घटना की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं और युद्ध स्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। मुख्य जिला अधिकारी तुलसी बहादुर श्रेष्ठ ने जानकारी दी कि माइक्रोबस मनकामना मंदिर से पश्चिम दिशा की ओर तनहूं जिले के अनबुखैरेनी क्षेत्र की ओर जा रही थी। हालांकि अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मंदिर में दर्शन करने के बाद ये सभी श्रद्धालु असल में किस स्थान की ओर जा रहे थे।
पुलिस विभाग ने बताया है कि हादसे के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन शुरुआती जांच में पहाड़ी मोड़ पर नियंत्रण खोना मुख्य कारण लग रहा है। नेपाल की भौगोलिक स्थिति और संकरी पहाड़ी सड़कें अक्सर इस प्रकार की बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है। इस क्षेत्र में पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं जो सड़क सुरक्षा मानकों में सुधार की तत्काल आवश्यकता की ओर इशारा करते हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले अगस्त 2024 में भी इसी अनबुखैरेनी क्षेत्र में भारतीय श्रद्धालुओं से भरी एक बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई थी। नेपाल ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक दशक में सड़क हादसों की संख्या 4,999 से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 7,669 तक पहुंच गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि देश में यातायात संबंधी समस्याओं और दुर्घटनाओं के मामलों में समय के साथ काफी चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है।
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सांख्यिकीय विश्लेषण से पता चलता है कि नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में से 70 प्रतिशत से अधिक लोग संवेदनशील सड़क उपयोगकर्ता की श्रेणी में आते हैं। इसमें मुख्य रूप से पैदल चलने वाले नागरिक, साइकिल चलाने वाले लोग और मोटरसाइकिल सवार शामिल होते हैं जो दुर्घटना के समय सबसे अधिक असुरक्षित होते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क डिजाइन और यातायात नियमों के कड़े पालन से ही इन कीमती जानों को भविष्य में बचाया जा सकता है।