दीपक खड़का (सोर्स- सोशल मीडिया)
Balen Shah Government Action: नेपाल में बालेंद्र शाह सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य नेताओं की संपत्तियों की जांच जारी है। इसके अलावा धन शोधन जांच विभाग के एक पत्र के आधार पर नेपाल पुलिस ने शेर बहादुर देउबा, केपी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल समेत दो पूर्व मंत्रियों अर्जू राणा देउबा और दीपक खड़का तथा उनके परिवारों की चल-अचल संपत्तियों और आय के स्रोतों की जांच शुरू कर दी है।
इसके अलावा पूर्व मंत्री अर्जू राणा के भाई भूषण राणा के खिलाफ भी जांच की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच रविवार सुबह पूर्व मंत्री दीपक खड़का को उनके बुधानिलकंठ स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है।
रविवार सुबह पूर्व मंत्री दीपक खड़का को उनके बुधानिलकंठ स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (CIB) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग के पत्र के आधार पर यह कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि विभाग ने अपने पत्र में प्रारंभिक जांच में दोषी पाए गए पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी जांच के दायरे में लाने की सिफारिश की है। इसी आधार पर CIB ने तत्काल गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए दीपक खड़का को हिरासत में लिया। फिलहाल उन्हें अदालत में पेश किया जा रहा है जहां जिला अदालत से उनकी रिमांड बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है।
नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ बालेंद्र शाह सरकार की सख्त कार्रवाई अब पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा तक पहुंच गई है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर नेपाल पुलिस ने दोनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गंभीर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस अब इंटरपोल के जरिए देउबा दंपत्ति को वापस लाने की प्रक्रिया पर भी काम कर रही है।
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नेपाल में बालेंद्र शाह सरकार ने शनिवार को 100-सूत्रीय कार्य योजना पेश की। इससे पहले शुक्रवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के घोषणापत्र के अनुरूप सुशासन के लिए एक विस्तृत रोडमैप को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत दूसरे जन आंदोलन के बाद से अब तक सार्वजनिक पदों पर रहे वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और बड़े सरकारी अधिकारियों की संपत्तियों की जांच कराने का फैसला लिया गया है। साथ ही 15 दिनों के अंदर एक विशेष समिति गठित करने का भी निर्णय हुआ है। इस समिति में कानून, वित्त, राजस्व और अनुसंधान क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे जो प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रिपरिषद के अधीन रहकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।