दुनिया परमाणु खतरे से बच गई… ईरान के खिलाफ ट्रंप के सर्मथन में उतरे NATO प्रमुख मार्क रूटे, जानें क्या कहा?
Trump Iran Policy: मार्क रूटे ने ट्रंप की ईरान नीति की सराहना करते हुए इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नेतृत्व ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका है।
- Written By: अमन उपाध्याय
मार्क रूटे और डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Mark Rutte On Trump Iran Policy: NATO के महासचिव मार्क रूटे ने ईरान के प्रति अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त विदेश नीति और सैन्य कार्रवाई का पुरजोर समर्थन किया है। व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान, रूटे ने कहा कि अमेरिका के इन कदमों ने न केवल ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोका, बल्कि दुनिया को एक बड़े सुरक्षा संकट से भी उबारा है।
ईरान को बताया ‘अराजकता का निर्यातक’
मार्क रूटे ने ईरान की गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उसे ‘अराजकता और आतंकवाद का निर्यात’ करने वाला देश करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की कार्रवाई किसी क्षेत्र विशेष की राजनीति तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह वैश्विक स्थिरता के लिए आवश्यक थी।
रूटे के अनुसार, ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की दहलीज पर पहुंच चुका था। यदि वह इसमें सफल हो जाता, तो यह केवल मध्य पूर्व या इजरायल के लिए ही नहीं, बल्कि यूरोप और पूरी दुनिया के लिए एक अपूरणीय खतरा बन जाता।
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विपक्षी ताकतों को कमजोर किया अमेरिका
बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ यूरोपीय सहयोगियों के प्रति अपनी नाराजगी फिर से व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तनाव के शुरुआती चरणों में उन्हें अपने सहयोगियों से जिस समर्थन की उम्मीद थी, वह नहीं मिला। ट्रंप ने टिप्पणी की कि हालांकि अमेरिका ने अकेले ही विपक्षी ताकतों को कमजोर कर दिया था, लेकिन सहयोगियों का साथ आना एक बेहतर संदेश देता।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मार्क रूटे ने स्वीकार किया कि कुछ मामलों में तालमेल की कमी रही होगी, लेकिन उन्होंने इसे बड़े स्तर पर ‘अलग-थलग घटनाएं’ बताया। उन्होंने खुलासा किया कि कई यूरोपीय देशों ने द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से अमेरिकी अभियानों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की। रूटे ने जानकारी दी कि अभियान के दौरान लगभग 4,000 से 5,000 अमेरिकी विमानों ने यूरोप के विभिन्न एयरबेस से उड़ानें भरीं, जो गठबंधन की मजबूती का प्रमाण है।
रक्षा बजट बढ़ाने की मांग
नाटो महासचिव ने ट्रंप के उस विजन की सराहना की जिसमें उन्होंने सहयोगी देशों से रक्षा बजट बढ़ाने की मांग की थी। रूटे ने बताया कि पिछले एक साल में यूरोपीय देशों और कनाडा के रक्षा खर्च में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
अब लक्ष्य 2035 तक जीडीपी का 5 प्रतिशत रक्षा पर खर्च करना है। रूटे ने यह भी रेखांकित किया कि यूरोपीय देशों द्वारा अमेरिकी रक्षा उपकरणों की खरीद से अमेरिका में लगभग 2 लाख नौकरियों को सीधा समर्थन मिल रहा है।
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यूक्रेन की स्थिति में भी सुधार
मार्क रूटे ने पुष्टि की कि आगामी 7-8 जुलाई को अंकारा में होने वाला नाटो शिखर सम्मेलन मुख्य रूप से रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और यूक्रेन को निरंतर समर्थन देने पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सहायता के कारण पिछले कुछ महीनों में यूक्रेन की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। नाटो ने अपना रुख स्पष्ट किया है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
