अमेरिका के बिना यूरोप की औकात…भारत से ट्रेड डील के बीच EU को NATO चीफ ने ये क्या कह डाला?
EU-US Tensions: NATO महासचिव मार्क रूट ने कहा कि यूरोप अमेरिका के बिना सुरक्षा नहीं कर सकता, आर्कटिक में रूस-चीन की बढ़ती सक्रियता चिंता का विषय, ग्रीनलैंड वार्ता NATO के एजेंडे में।
- Written By: अक्षय साहू
नाटो के महासचिव मार्क रूट (सोर्स- सोशल मीडिया)
NATO Chief Warns Europe: उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के महासचिव मार्क रूट ने सोमवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए कहा कि अगर यूरोप यह सोचता है कि वह अमेरिका के सहयोग के बिना अपनी सुरक्षा कर सकता है, तो वह केवल सपना देख रहा है। रूट ने जोर देकर कहा कि यूरोप अकेले अपनी रक्षा करने में सक्षम नहीं है।
मार्क रूट ने कहा कि यूरोप को अमेरिका की परमाणु छतरी (Nuclear Umbrella) की सख्त जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यूरोप अपनी सुरक्षा के लिए अकेले कदम उठाना चाहता है, तो उसे अपना रक्षा बजट बढ़ाकर 10% करना होगा और अरबों यूरो खर्च करके अपनी परमाणु क्षमता विकसित करनी होगी।
यूरोप के रक्षा बजट पर क्या बोले मार्क रूट?
मार्क रूट ने कहा कि अमेरिका की सुरक्षा गारंटी खोना यूरोप के लिए घातक होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकी सहयोग के बिना सुरक्षा का रास्ता चुनना जैसे ‘गुड लक’ कहना है। रूट के अनुसार, अमेरिका के हटने का मतलब होगा कि यूरोप अपनी स्वतंत्रता का अंतिम रक्षक खो देगा। अकेले रक्षा करने के लिए यूरोपीय देशों को मौजूदा खर्च में भारी बढ़ोतरी करनी होगी, जो आर्थिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण है।
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आर्कटिक सुरक्षा और ग्रीनलैंड का मुद्दा
रूट ने आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती सैन्य और आर्थिक गतिविधियों पर चिंता जताई। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की सराहना करते हुए कहा कि आर्कटिक सुरक्षा के मुद्दे पर उनका रुख सही है, क्योंकि वहां नए समुद्री मार्ग खुल रहे हैं।
ग्रीनलैंड को लेकर NATO अब दो स्तरों पर काम करेगा:
- आर्कटिक की सामूहिक रक्षा सुनिश्चित करना।
- अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच चल रही वार्ताओं को आगे बढ़ाना।
हालांकि रूट ने यह स्पष्ट किया कि वे डेनमार्क की ओर से बातचीत नहीं करेंगे।
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ट्रंप के साथ बातचीत और टैरिफ में राहत
दावोस में राष्ट्रपति ट्रंप और मार्क रूट की मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर एक समझौते का फ्रेमवर्क तैयार हो गया है। इसके साथ ही, ट्रंप ने उन यूरोपीय देशों पर टैरिफ नहीं लगाने की बात कही, जिन्होंने पहले उनके इस विचार का विरोध किया था। फ्रेमवर्क की बारीकियां अभी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इसने NATO प्रमुख की भूमिका को वैश्विक मंच पर एक बार फिर प्रमुख बना दिया है।
