NASA Rover की तस्वीरों में मंगल पर दिखे कीड़े, लाल ग्रह पर जीवन को लेकर छिड़ी नई बहस
NASA Rover Images: नासा रोवर की मंगल ग्रह की तस्वीरों में कीड़ों जैसी आकृतियां दिखने से जीवन पर नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि, अधिकांश वैज्ञानिक इसे चट्टानों और पैरिडोलिया नामक भ्रम मान रहे हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
नासा रोवर की तस्वीरों में मंगल पर दिखे कीड़े (सोर्स-सोशल मीडिया)
Life On Mars Debate Starts: मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना को लेकर दुनिया भर में एक बार फिर से तेज बहस शुरू हो गई है। हाल ही में NASA के रोवर द्वारा भेजी गई तस्वीरों में कुछ कीड़ों और छिपकली जैसी आकृतियां दिखाई दी हैं। इन रहस्यमयी तस्वीरों को देखकर वैज्ञानिक समुदाय और आम लोगों के बीच काफी ज्यादा उत्सुकता पैदा हो गई है। हालांकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल हवा और धूल से बनी चट्टानें हैं न कि कोई जीवित प्राणी।
तस्वीरों का रहस्य
NASA के मार्स रोवर द्वारा खींची गई इन तस्वीरों ने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इन हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरों में कुछ ऐसी आकृतियां हैं जो बिल्कुल उड़ने वाले कीड़ों की तरह दिखाई देती हैं। इसके बाद से ही यह सवाल उठने लगा है कि क्या लाल ग्रह पर कभी जीवन था या आज भी वहां जीवन मौजूद है।
वैज्ञानिक का दावा
कीट विज्ञानी विलियम रोमोसर ने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध इन तस्वीरों का गहराई से अध्ययन किया है। उन्होंने दावा किया है कि इनमें पंख और पैरों की बनावट वाले कीड़ों जैसे जीव साफ तौर पर दिखाई देते हैं। उन्होंने अपना यह शोध एंटोमोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ अमेरिका की एक बड़ी बैठक में सबके सामने पेश किया था।
सम्बंधित ख़बरें
अमेरिकन ड्रीम से भारतीयों का मोह भंग! 40% से ज्यादा छोड़ना चाहते हैं US, Carnegie Survey के खुलासे मचा हड़कंप
Hormuz Strait को खोलने के लिए लंदन में 30 से अधिक देशों की अहम सैन्य बैठक आज से शुरू
ट्रंप ने मानी मुनीर की बात…बढ़ाई सीजफायर की मियाद, होर्मुज पर जारी रहेगी नाकाबंदी; बोले- बंटा हुआ है तेहरान
आज की ताजा खबर 22 अप्रैल LIVE: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बढ़ाई सीजफायर की समयसीमा
सच्चाई या सिर्फ भ्रम
रोमोसर के इन दावों के बावजूद वैज्ञानिक समुदाय का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। ज्यादातर वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सिर्फ इंसानी दिमाग का एक मनोवैज्ञानिक भ्रम है जिसे पैरिडोलिया कहते हैं। इस भ्रम के कारण इंसान को अक्सर बादलों या चट्टानों जैसी बेतरतीब चीजों में भी जाने-पहचाने चेहरे नजर आते हैं।
चट्टानों की असली कहानी
विशेषज्ञों का कहना है कि मंगल ग्रह हमारे सौरमंडल का सबसे ज्यादा अध्ययन किया जाने वाला ग्रह है। वहां पर दिखने वाली ये आकृतियां वास्तव में लाखों वर्षों से चल रही तेज हवा और धूल का परिणाम हैं। लगातार होने वाले अपरदन के कारण मंगल की चट्टानें इस तरह के अजीबोगरीब आकारों में बदल गई हैं।
जीवन के प्रमाण का इंतजार
अभी तक मंगल ग्रह पर किसी भी प्रकार के जटिल जीव के अस्तित्व का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल पाया है। लेकिन स्वतंत्र शोधकर्ता इन नई तस्वीरों का लगातार विश्लेषण कर रहे हैं ताकि कुछ नया पता चल सके। भविष्य में होने वाले अन्य वैज्ञानिक मिशन ही मंगल ग्रह पर जीवन की पूरी सच्चाई दुनिया के सामने ला पाएंगे।
नासा के रोवर का काम
NASA का क्यूरियोसिटी रोवर पिछले कई सालों से मंगल ग्रह की सतह की बारीकी से जांच कर रहा है। यह रोवर लगातार नई-नई तस्वीरें और डेटा पृथ्वी पर भेजता है ताकि हम इस ग्रह को बेहतर समझ सकें। इसी रोवर की बदौलत हमें मंगल के मौसम और वहां की चट्टानों के बारे में इतनी अहम जानकारी मिली है।
यह भी पढ़ें: Hormuz Strait को खोलने के लिए लंदन में 30 से अधिक देशों की अहम सैन्य बैठक आज से शुरू
पैरिडोलिया की चुनौती
ग्रह विज्ञान के क्षेत्र में पैरिडोलिया जैसी मनोवैज्ञानिक अवधारणा वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी चुनौती है। दूसरे ग्रहों की सतह का अध्ययन करते समय वैज्ञानिकों को बहुत ज्यादा सतर्क और सावधान रहना पड़ता है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होता है कि वे किसी साधारण चट्टान को कोई जीवित प्राणी समझने की गलती न करें।
