मैक्सिको में फैली हिंसा में जलीं गाड़ियां।
Deaths In Mexico Violence : मैक्सिको के सबसे खूंखार ड्रग माफिया और ‘जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल’ (CJNG) के सरगना “एल मेंचो” की सेना के साथ मुठभेड़ में मौत के बाद पूरा देश हिंसा की आग में झुलस रहा है। इस हाई प्रोफाइल मुठभेड़ ने मैक्सिको के 20 राज्यों में ऐसा तांडव मचाया है कि सरकार को कई शहरों में सुरक्षा अलर्ट जारी करना पड़ा है।
एल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही उसके समर्थकों ने सड़कों पर आगजनी, अंधाधुंध गोलीबारी और रोड ब्लॉक कर आतंक का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस-प्रशासन, सेना हालात पर काबू करने के प्रयास में जुटी है।
कार्टेल के गुर्गों ने सेना की कार्रवाई का बदला लेने के लिए करीब 20 राज्यों में 250 से अधिक जगहों पर मुख्य सड़कें जाम कर दी हैं। गाड़ियों को सरेआम आग के हवाले किया जा रहा है और सुरक्षा बलों पर हमले तेज हो गए हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जलिस्को, मिचोआकान और गुआनाजुआतो जैसे इलाकों में सात नेशनल गार्ड जवानों समेत कम से कम 14 लोगों की जान जा चुकी है। जलिस्को की राजधानी ग्वाडलाहारा, जहाँ से इस कार्टेल की शुरुआत हुई थी, वहां सन्नाटा पसरा है और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकांश उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत और अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए कड़े परामर्श जारी किए हैं। मैक्सिको में स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीयों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है और आपातकालीन नंबर +52 55 4847 7539 जारी किया है। वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने भी अपने नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए प्रभावित इलाकों की यात्रा न करने की चेतावनी दी है।
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व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि एल मेंचो को मार गिराने के इस बड़े ऑपरेशन में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने अहम जानकारी साझा की थी। एल मेंचो पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम था और 2025 में ही उसके संगठन को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेंटानिल तस्करी रोकने के बढ़ते दबाव के बीच यह कार्रवाई मैक्सिको सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, अब सबसे बड़ी चुनौती कार्टेल की अगली जवाबी प्रतिक्रिया से निपटने की है।