Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव: क्वाड और 2+2 वार्ता की रफ्तार हुई धीमी, अमेरिकी सीनेटर की बड़ी चेतावनी

Quad Dialogue Slowdown: अमेरिकी सीनेटर मार्क वार्नर ने चेतावनी दी है कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्वाड और 2+2 डायलॉग जैसी महत्वपूर्ण सुरक्षा वार्ताओं की गति अब काफी धीमी हो गई है।

  • Written By: प्रिया सिंह
Updated On: Jan 28, 2026 | 04:07 PM

अमेरिकी सीनेटर मार्क वार्नर (सोर्स-सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Strained Indo-US Diplomatic Relations: भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक संबंधों में हाल के दिनों में काफी खिंचाव देखने को मिला है। अमेरिकी सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन मार्क वार्नर ने भारत-अमेरिका के बीच तनावपूर्ण राजनयिक संबंध पर गहरी चिंता जताई है। उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच उपजे इस तनाव का असर द्विपक्षीय सुरक्षा फ्रेमवर्क पर बहुत बुरा पड़ रहा है। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में क्वाड गठबंधन का कमजोर होना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

सुरक्षा वार्ताओं में मंदी

अमेरिकी सीनेटर मार्क वार्नर ने आगाह किया है कि क्वाड और टू-प्लस-टू डायलॉग जैसे अहम सुरक्षा तंत्र की रफ्तार अब काफी धीमी हो रही है। उन्होंने कहा कि इन पारंपरिक कूटनीतिक रास्तों के लिए निरंतर राजनीतिक ध्यान और ऊर्जा की आवश्यकता होती है जिसे वर्तमान में नजरअंदाज किया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से इन महत्वपूर्ण सुरक्षा मैकेनिज्म पर सरकार का फोकस काफी कम हो गया है जो चिंताजनक है।

भरोसे में कमी का संकट

मार्क वार्नर का मानना है कि ये संवाद केवल औपचारिक बैठकें नहीं हैं बल्कि देशों के बीच आपसी भरोसा बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन स्थापित तंत्रों को अनदेखा किया गया तो सहयोगी देशों के बीच अमेरिका की विश्वसनीयता पर बहुत गहरा असर पड़ सकता है। अगर अमेरिका के साथी देश यह सोचने लगें कि चीन एक अधिक भरोसेमंद पार्टनर है तो यह वॉशिंगटन के लिए भविष्य में एक बड़ी चुनौती होगी।

सम्बंधित ख़बरें

ट्रंप की युद्ध नीति को बड़ा झटका! सऊदी-UAE ने दिखाया ठेंगा, अब ये मुस्लिम देश बनेगा ट्रंप का ‘लॉन्चपैड’?

1971 के ‘दुश्मन’ अब बने दोस्त; बांग्लादेश चुनाव से पहले चीन और जमात की जुगलबंदी ने बढ़ाई भारत की चिंता

भारत की बड़ी जीत: व्यापार समझौतों में अमेरिका को पछाड़ा, ट्रंप की टैरिफ रणनीति हुई पूरी तरह फेल

वर्ल्ड वॉर 2 के बाद सबसे बड़ा सैन्य विनाश; रूस-यूक्रेन युद्ध में लाशों का अंबार, आंकड़े सुनकर दहल जाएंगे आप

भारत की रणनीतिक चिंताएं

सीनेटर ने विशेष रूप से भारत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर भारतीय अधिकारी अमेरिका पर निर्भरता कम करने की बात करते हैं तो यह गंभीर है। जब अमेरिका अपने करीबी दोस्तों और साझेदारों की बेइज्जती करता है तो इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपसी भरोसे और सहयोग में भारी कमी आती है। रिश्तों में आई यह कड़वाहट केवल भारत तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह अमेरिका के अन्य कई वैश्विक सहयोगियों के बीच भी देखी जा रही है।

क्षेत्रीय स्थिरता का महत्व

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए क्वाड समूह को सुरक्षा और सप्लाई चेन के लिए एक केंद्रीय मंच माना जाता है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद स्थापित फ्रेमवर्क के जरिए निरंतर बातचीत बनाए रखना क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक माना गया है। वार्नर का कहना है कि सैन्य संबंधों को मजबूत करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह पूरे क्षेत्र में पावर डायनामिक्स को संतुलित करने में मदद करता है।

यह भी पढ़ें: 1971 के ‘दुश्मन’ अब बने दोस्त; बांग्लादेश चुनाव से पहले चीन और जमात की जुगलबंदी ने बढ़ाई भारत की चिंता

रणनीतिक स्वायत्तता की रक्षा

भारत के नजरिए से क्वाड और टू-प्लस-टू डायलॉग का सक्रिय रहना रक्षा सहयोग को गहरा करने और रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। ये संवाद भारत को क्षेत्रीय शक्तियों के बीच संतुलन बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत वैश्विक स्थिति को बनाए रखने में काफी मदद प्रदान करते हैं। इन मंचों के माध्यम से ही भारत और अमेरिका जैसे देश इंडो-पैसिफिक में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक साझा और बड़े विजन पर काम कर पाते हैं।

💡

Frequently Asked Questions

  • Que: क्वाड और 2+2 डायलॉग में मंदी का मुख्य कारण क्या है?

    Ans: अमेरिकी सीनेटर के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव और राजनीतिक फोकस की कमी इस मंदी का मुख्य कारण है।

  • Que: मार्क वार्नर ने किस बात को लेकर चेतावनी दी है?

    Ans: उन्होंने चेतावनी दी है कि कूटनीतिक तंत्र की अनदेखी से सहयोगियों के बीच अमेरिका के प्रति भरोसे में भारी कमी आ सकती है।

  • Que: क्या अन्य देश चीन को अमेरिका से अधिक भरोसेमंद मान रहे हैं?

    Ans: हां, वार्नर ने चिंता जताई है कि अमेरिकी साथी यह सोचने लगे हैं कि चीन अमेरिका की तुलना में अधिक भरोसेमंद पार्टनर हो सकता है।

  • Que: भारत के लिए इन सुरक्षा वार्ताओं का क्या महत्व है?

    Ans: ये वार्ताएं भारत के लिए रक्षा सहयोग को गहरा करने, क्षेत्रीय संतुलन बनाने और रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

  • Que: क्या यह कूटनीतिक तनाव केवल भारत तक सीमित है?

    Ans: नहीं, वार्नर के अनुसार अमेरिका द्वारा अपने साथियों की अनदेखी करने से कई अन्य साझेदार देशों के साथ भी भरोसे की कमी आई है।

Mark warner warns of slowdown in quad and india us dialogue

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 28, 2026 | 04:07 PM

Topics:  

  • America
  • India
  • India-America Relations
  • World News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.