अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो (सोर्स- सोशल मीडिया)
Marco Rubio on Delhi Blast: अमेरिकी सांसद और विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दिल्ली में सोमवार शाम हुए धमाके को स्पष्ट रूप से आतंकी हमला करार दिया है। उन्होंने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि जांच को बहुत सावधानीपूर्वक और पेशेवर तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। यह टिप्पणी उन्होंने तब की, जब भारत ने इस धमाके को आतंकी घटना घोषित किया था।
रूबियो ने मीडिया से बातचीत में कहा, भारत को तारीफ मिलनी चाहिए। वे जांच को बहुत संयमित, सतर्क और पेशेवर तरीके से कर रहे हैं। जांच अभी जारी है और यह साफ तौर पर एक आतंकी हमला था। उन्होंने आगे बताया कि एक कार में भारी विस्फोटक सामग्री रखी गई थी, जो फट गई और इससे कई लोगों की जान चली गई।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारत जांच को अच्छे तरीके से अंजाम दे रहा है और जैसे ही तथ्य सामने आएंगे, उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से दिल्ली ब्लास्ट के बारे में बातचीत की।
रूबियो ने कहा कि अमेरिका ने मदद की पेशकश की है, लेकिन भारत इस मामले में पूरी तरह सक्षम है और उन्हें अमेरिकी मदद की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा, हमने मदद की पेशकश की है, लेकिन मुझे लगता है कि भारत जांच में बहुत सक्षम है। वे अच्छा काम कर रहे हैं और हमारी मदद की जरूरत नहीं है।
जयशंकर और रूबियो की यह बातचीत कनाडा के नियाग्रा में G-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई। इस दौरान रूबियो ने दिल्ली ब्लास्ट में हुई मौतों पर संवेदना व्यक्त की। बैठक में द्विपक्षीय रिश्तों के साथ-साथ वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस हमले में एक ‘व्हाइट-कॉलर आतंकी नेटवर्क’ का लिंक शामिल है। जांच एजेंसियों ने इसे पाकिस्तान आधारित संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से जोड़ा है। दिल्ली में लाल किले के पास हुए इस धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से ज्यादा लोग घायल हैं।
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रूबियो की टिप्पणियों से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका भारत की जांच प्रक्रिया को गंभीरता और पेशेवर तरीके से कर रहे होने के कारण सराह रहा है। वहीं, भारतीय जांच एजेंसियां इस मामले की गहनता से जांच कर रही हैं, जिससे जल्द ही हमले के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।