नीरव मोदी को लंदन हाई कोर्ट का झटका, 14 साल पुराने मामले में सुनाया फैसला, इस बैंक को चुकाने होंगे 100 करोड़
Bank of India Nirav Modi Verdict: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उसे बैंक ऑफ इंडिया के 100 करोड़ रुपये से अधिक चुकाने का आदेश दिया।
- Written By: अक्षय साहू
नीरव मोदी (फाइल फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया)
Nirav Modi Bank of India Case: भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन की एक अदालत ने बड़ा झटका दिया है। लंदन हाई कोर्ट ने एक मामले में बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव मोदी को बैंक का 10.7 मिलियन डॉलर यानाी करीब 100 करोड़ रुपए से अधिक का चुकाने के लिए जिम्मेदार बताया है। पहले से ही भारतीय एजेंसियों से भागते फिर रहे नीरव के लिए यह एक बड़ा धक्का है।
मंगलवार को लंदन कमर्शियल कोर्ट के जज साइमन टिंकलर ने मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि नीरव मोदी ने बैंक ऑफ इंडिया से लिए गए कर्ज की व्यक्तिगत गारंटी दी थी और अब वह इस कर्ज को चुकाने के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार है।
नीरव मोदी पर करोड़ों की देनदारी
जज साइमन टिंकलर ने कहा कि नीरव पर मुख्य रकम के तौर पर लगभग 4.1 मिलियन डॉलर यानी करीब 38.9 करोड़ रुपए की देनदारी बनती है। इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया की ओर से तय नियमों के तहत ब्याज की रकम भी इसमें शामिल की जाएगी। जो कुल मिलाकर 10.7 मिलियन डॉलर यानी 100 करोड़ रुपए के आसपास बनती है।
सम्बंधित ख़बरें
Air India Flight टर्बुलेंस मामले में बड़ा खुलासा, पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव? जानें क्या लिया एक्शन
15 अगस्त से पहले भारत-पाक सीमा पर टेंशन, BSF ने घुसपैठ की कोशिश में संदिग्ध को किया ढेर, पहचान बनी मिस्ट्री!
9 अगस्त का इतिहास: जब भारत के साथ खड़ा हुआ सोवियत संघ, 1971 को हुई ऐतिहासिक संधि
आज की ताजा खबर 09 अगस्त: सीएम योगी ने हरी झंडी दिखाकर तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया
बता दें कि मामला 14 साल पुराना है। जब 2012 में नीरव मोदी की दुबई स्थित कंपनी फायरस्टार डायमंड FZE को बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज दिया था। इस कर्ज के लिए भगोड़े नीरव मोदी ने 3 अगस्त 2013 को बैंक के साथ व्यक्तिगत गारंटी भी दी थी। इसी आधार पर बैंक का कहना है कि यदि कंपनी कर्ज नहीं चुकाती है तो मोदी व्यक्तिगत तौर पर इस रकम को चुकाने के लिए जिम्मेदार हैं।
2018 से फरार है नीरव मोदी
नीरव मोदी जनवरी 2018 से पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े हजारों करोड़ रुपए के कथित घोटाले का मामला सामने आने के बाद से भारत के फरार चल रहा है। इस घोटाले के सामने आने के बाद ही बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपना कर्ज वापस लेने की प्रक्रिया शुरु की थी। बैंक ने नीरव मोदी और उसकी कंपनी को भुगतान के लिए मार्च और अप्रैल 2018 में नोटिस भेजे। बैंक के मुताबिक, नीरव मोदी ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया।
यह भी पढ़ें- Ethanol Blended Petrol पर सरकार की बड़ी सफाई: ‘इंटरनेट के दावे पूरी तरह भ्रामक, ईंधन पूरी तरह सुरक्षित’
इसके बाद बैंक ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और अपना कर्ज वापस दिलाने की गुहार लगाई। वहीं नीरव मोदी ने अदालत में बैंक के दावे को चुनौती दी थी। उनके वकीलों ने तर्क दिया कि बैंक की ओर से दी गई व्यक्तिगत गारंटी लागू नहीं हो सकती। वकीलों ने कहा कि बैंक ने सही तरीके से मांग नहीं की।
