Ethanol Blended Petrol पर सरकार की बड़ी सफाई: 'इंटरनेट के दावे पूरी तरह भ्रामक, ईंधन पूरी तरह सुरक्षित'

Ethanol Blended Petrol: सरकार ने एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर इंटरनेट पर फैल रहे दावों को भ्रामक बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि E-20 ईंधन से वाहनों का इंजन बिल्कुल भी खराब नहीं होता है।
Ethanol Blended Petrol: Govt Rejects Misleading Claims Over Ethanol Fuel Engine Safety
एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

India Government On Ethanol Blended Petrol: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम पूरी तरह से वैज्ञानिक रूप से मान्य है। इंटरनेट मीडिया पर एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर किए जा रहे सभी दावे भ्रामक और पूरी तरह निराधार हैं। कुछ पुरानी तस्वीरें और वीडियो दोबारा से प्रसारित किए जा रहे हैं जिसका मुख्य मकसद सिर्फ आम जनता को गुमराह करना है। सरकार इस पूरे मामले को लेकर बहुत ज्यादा सजग है और भ्रामक जानकारी को रोकने के लिए अपने आवश्यक कदम उठा रही है।

मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि E-20 पेट्रोल के उपयोग के बाद से इंजन खराब होने की कोई भी समस्या सामने नहीं आई है। हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर एक भ्रामक वीडियो में ईंधन टैंक के पास चींटियों को गलत तरीके से दिखाया गया था। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस झूठे और निराधार वीडियो का पूरी तरह से खंडन करते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार तेल विपणन कंपनियों और अन्य हितधारकों के परामर्श से इस पूरे एथनाल मिश्रण कार्यक्रम की लगातार और बारीकी से निगरानी करती है।

एथनाल मिश्रण कार्यक्रम की शुरुआत

देश में कच्चे तेल के भारी आयात को तेजी से कम करने और मजबूत ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के महत्वपूर्ण उद्देश्यों के साथ एथनाल मिश्रण कार्यक्रम 2003 में शुरू किया गया था। पर्यावरणीय स्थिरता को लगातार बढ़ावा देने के लिए तकनीकी तैयारियों और हितधारकों के परामर्श के आधार पर इस खास कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है। साल 2023 से 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण यानी E-20 पेट्रोल का सफल और सुरक्षित क्रियान्वयन पूरे देश में बहुत ही तेजी से किया जा रहा है।

वैश्विक स्तर पर सफल और सुरक्षित

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि E-20 पेट्रोल की आधिकारिक शुरुआत के बाद से एथनाल मिश्रण के कारण वाहन टूटने या इंजन की कोई व्यापक समस्या बिल्कुल नहीं आई है। एथनॉल मिश्रण एक बहुत ही बेहतरीन और आधुनिक वैश्विक प्रथा है जिसे दुनिया के कई अन्य बड़े देशों में पहले ही सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। यह पूरी तरह से एक सुरक्षित वैज्ञानिक प्रक्रिया है और सरकार ईंधन परीक्षण एजेंसियों व ऑटोमोबाइल निर्माताओं के साथ मिलकर इसकी लगातार निगरानी करती है।

विदेशी मुद्रा की बचत और किसान

सरकार के इस अत्यंत महत्वपूर्ण एथनाल मिश्रण कार्यक्रम ने हमारे देश को लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये की भारी विदेशी मुद्रा बचाने में एक बहुत बड़ी मदद की है। इसके साथ ही पेट्रोल में एथनाल मिश्रण के इस शानदार और सफल कार्यक्रम से देश भर के लाखों किसानों की आय को भी काफी ज्यादा बढ़ावा मिला है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह कार्यक्रम भविष्य में भारत की समग्र ऊर्जा सुरक्षा को तेजी से बढ़ाने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com