अमेरिका की ईरान को बड़ी चेतावनी- ‘आज रात होगा अब तक का सबसे बड़ा हमला’, गूंजेंगे बम और मिसाइलें
Largest Attack Iran: US वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर अब तक के सबसे बड़े हमले की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा आज रात अमेरिकी सेना ईरानी मिसाइल लॉन्चरों और फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाएगी।
- Written By: प्रिया सिंह
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Biggest Bombing Attack Tonight On Iran: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक टीवी शो के दौरान चेतावनी दी कि आज की रात ईरान के लिए सबसे भारी होने वाली है। इस बयान ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है क्योंकि यह अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभियान बताया जा रहा है। शांति की उम्मीदें अब धुंधली होती दिख रही हैं और युद्ध का साया गहरा गया है।
मिसाइल क्षमताओं पर सीधा प्रहार
स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स बिजनेस के ‘कुडलो’ शो में दावा किया कि अमेरिकी सेना का मुख्य लक्ष्य ईरान की मिसाइल शक्ति को कुचलना है। वे आज रात ईरानी मिसाइल लॉन्चरों और उन फैक्ट्रियों को निशाना बनाएंगे जहां ये खतरनाक हथियार और तकनीक तैयार की जाती हैं। उनका मानना है कि इन ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाने से ईरान की जवाबी कार्रवाई करने की सैन्य क्षमता पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
दो मोर्चों पर प्रभावी सैन्य अभियान
अमेरिकी वित्त मंत्री के अनुसार उनकी सेना फिलहाल दो अलग-अलग मोर्चों पर बेहद प्रभावी ढंग से सैन्य अभियान चला रही है जो काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि सचिव हेगसेथ, जनरल केन और राष्ट्रपति की देखरेख में चल रही यह कार्रवाई ईरान को काफी हद तक कमजोर कर चुकी है। इस जबरदस्त अभियान का मकसद क्षेत्रीय स्थिरता को फिर से बहाल करना और दुश्मन की सैन्य कमर को पूरी तरह तोड़ना है।
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तेल बाजार और भारत के लिए छूट
युद्ध के इस माहौल में वैश्विक तेल बाजार को संतुलित रखने के लिए अमेरिका ने भारत जैसे पुराने मित्रों को एक बड़ी राहत प्रदान की है। वॉशिंगटन ने भारत को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए फिलहाल 30 दिनों की विशेष छूट देने का फैसला किया है। बेसेंट ने संकेत दिया है कि भविष्य में आपूर्ति बढ़ाने के लिए वे और अधिक रूसी तेल से प्रतिबंध हटाने के विकल्प पर गंभीरता से सोच रहे हैं।
कूटनीति और वैश्विक मंदी का डर
जहां एक तरफ बमबारी की खबरें आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले इसके नकारात्मक असर से दुनिया डरी हुई है। कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है जिसे संतुलित करने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग निरंतर प्रयासरत है। अमेरिका का यह कदम दिखाता है कि वह सैन्य शक्ति के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी अपनी पकड़ को मजबूत बनाए रखना चाहता है।
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क्या शांति की कोई गुंजाइश बाकी है?
ईरान की ओर से भी लगातार जवाबी हमले किए जा रहे हैं जिससे यह संघर्ष एक अंतहीन तबाही की ओर बढ़ता हुआ साफ नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आज रात का अमेरिकी हमला सफल रहा तो यह पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध की दिशा बदल देगा। फिलहाल पूरी दुनिया अपनी सांसें थामकर देख रही है कि आने वाले चंद घंटों में तेहरान के आसमान में क्या मंजर होने वाला है।
