Kuwait Oil Export पर लगा ब्रेक! 30 साल में पहली बार अप्रैल में नहीं हुआ तेल का निर्यात, दुनिया हैरान
Kuwait Oil Export Halted: कुवैत में अप्रैल में कच्चे तेल का एक भी बैरल निर्यात नहीं किया है। खाड़ी युद्ध के बाद 3 दशकों में यह पहली बार है जब कुवैत का निर्यात पूरी तरह से रुका हुआ है।
- Written By: प्रिया सिंह
तेल निर्यात (सोर्स-सोचिया; मीडिया)
Kuwait Oil Export Stop’s Due To Crisis: पश्चिम एशिया में चल रहे हैं भारी संकट का असर अब पूरी दुनिया के साथ-साथ बड़े तेल उत्पादक देशों पर भी स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कच्चे तेल के बड़े निर्यात और व्यापार पर ही पूरी तरह से निर्भर करती है। कुवैत को अप्रैल महीने में तेल निर्यात के मामले में बहुत ही बड़ा और भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल आपूर्ति श्रृंखला के लिए यह एक बहुत ही ज्यादा चिंताजनक और गंभीर खबर है।
एक नई रिपोर्ट के अनुसार कुवैत ने इस साल अप्रैल महीने में दुनिया के किसी भी देश को कच्चा तेल नहीं भेजा है। पिछले 3 दशकों में यह पहला मौका है जब कुवैत ने किसी एक पूरे महीने में कोई तेल निर्यात नहीं हुआ हो। इससे पहले ऐसा बड़ा संकट केवल ऐतिहासिक खाड़ी युद्ध के दौरान ही बहुत स्पष्ट रूप से देखा गया था। टैंकर ट्रैक्टर वेबसाइट की इस ताजा रिपोर्ट में वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी हलचल और बड़ी चिंता पैदा कर दी है।
उत्पादन जारी लेकिन निर्यात रुका
विशेषज्ञ और रिपोर्ट के अनुसार कुवैत में कच्चे तेल का उत्पादन अभी भी पहले की तरह लगातार जारी है। हालांकि उत्पादन होने के बावजूद कच्चे तेल का विदेशी निर्यात लगभग पूरी तरह से रुक गया है। कुवैत इस निकाले जा रहे कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा अपने घरेलू भंडारण में सुरक्षित रख रहा है।
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घरेलू भंडारण के अलावा कुवैत अपने बचे हुए कच्चे तेल को स्थानीय स्तर पर रिफाइन भी कर रहा है। इस कच्चे तेल को अच्छी तरह रिफाइन करके अन्य पेट्रोलियम उत्पाद तेजी से बनाए जा रहे हैं। यह खास रणनीति कुवैत को इस बड़े संकट के समय में अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने में मदद कर रही है।
ईरान टैंकर में चकमा दिया
इस बीच एक ईरानी सुपर टैंकर ने अमेरिकी नौसेना की कड़ी नाकेबंदी को सफलतापूर्वक चकमा दे दिया है। यह विशाल तेल जहाज एशिया प्रशांत क्षेत्र में पहुंच गया है। जो अमेरिका के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। मॉनिटरिंग फर्म ने बताया है कि यह जहाज 1.9 मिलियन बैरल कच्चा तेल लेकर वहां से निकला है।
इस ईरानी जहाज में मौजूद कच्चे तेल की कुल कीमत लगभग 22 करोड डॉलर आंकी गई है। यह वेरी लार्ज क्रूड करियर नेशनल ईरानियन टैंकर कंपनी का है जिसे ह्यूज नाम से जाना जाता है। इस विशाल जहाज को आखिरी बार डेढ़ हफ्ते पहले श्रीलंका के समुद्री इलाके के पास देखा गया था।
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ट्रैकिंग सिस्टम किया बंद
वर्तमान में यह टैंकर लोमबोक स्टेट से होते हुए रिओ आर्किपेलेगो की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमेरिका ने 13 अप्रैल को कड़े प्रतिबंध लगाए थे तब यह टैंकर ईरानी जल क्षेत्र में मौजूद था। इससे पहले 20 मार्च को इसने अपना सिस्टम बंद कर दिया था जिससे इसकी लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो गया।
