अली खामेनेई (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ali khamenei Quran Inscription Ring: अमेरिकी हमले की आशंका के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई की एक अंगूठी चर्चा में है। अंगूठी पर उकेरा गया संदेश “बिलकुल नहीं! मेरा ईश्वर मेरे साथ है”। इसे अमेरिका को दिए गए प्रतीकात्मक जवाब के रूप में देखा जा रहा है। यह तस्वीर तेहरान में कुरान से जुड़ी एक बैठक के दौरान की बताई जा रही है। ईरान में सुप्रीम लीडर सर्वोच्च पद माना जाता है और खामेनेई 1989 से इस पद पर हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, यदि ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो अमेरिका सीमित सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है। इसी क्रम में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में दो युद्धपोत तैनात किए हैं। हाल ही में खामेनेई ने बयान दिया था कि जरूरत पड़ी तो इन युद्धपोतों को डुबो दिया जाएगा।
अंगूठी पर लिखी आयत कुरान की सूरह अश-शुअरा (26:62) से संबंधित मानी जा रही है। इस आयत का संदर्भ पैगंबर मूसा से जुड़ा है, जब फिरऔन की सेना ने उन्हें घेर लिया था। परंपरा के अनुसार, उस समय उनके विश्वास के चलते समुद्र में रास्ता बना और वे अपने अनुयायियों के साथ सुरक्षित निकल गए। इस प्रतीक को कठिन परिस्थितियों में ईश्वरीय सहायता और अडिग विश्वास के रूप में देखा जाता है।
अमेरिका का आरोप है कि ईरान क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने के लिए परमाणु हथियार कार्यक्रम पर काम कर रहा है। ईरान ने परमाणु हथियार बनाने के आरोप से इनकार किया है, हालांकि उसने यूरेनियम संवर्धन की बात स्वीकार की है। दोनों देशों के बीच बातचीत के प्रयास हाल ही में ओमान और जिनेवा में हुए, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।
The Quranic gathering was held in the presence of Imam Khamenei, the Leader of the Islamic Revolution and a group of distinguished Quran reciters, on the first day of the holy month of Ramadan [Feb. 19, 2026] at the Imam Khomeini (ra) Hussainiyah. pic.twitter.com/o4jowtJ7bI — Khamenei Media (@Khamenei_m) February 19, 2026
अमेरिका की मांग है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम का भंडार देश से बाहर स्थानांतरित करे और कम दूरी की मिसाइलों के विकास पर रोक लगाए। ईरान ने फिलहाल इन शर्तों को मानने से इनकार किया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
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खामेनेई ने एक वीडियो संदेश में अमेरिका पर ईरान के संसाधनों पर कब्जा करने की मंशा रखने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि 1953 से ही अमेरिका की नजर ईरान पर है और वह उसके प्राकृतिक संसाधनों को अपने नियंत्रण में लेना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रभुत्व चाहता है, लेकिन ईरान ऐसा होने नहीं देगा।