केन्या की कैबिनेट सचिव ने भारतीय डिजिटल सिस्टम की सराहना की: आधार, UPI और AI भाषिनी को बताया बेहतरीन
International News: केन्याई कैबिनेट सचिव मर्सी वानजाउ ने भारत की सफल डिजिटल प्रणालियों और एकीकृत योजना की प्रशंसा की, जिन्हें केन्या में लागू करने से नागरिकों को सेवाएं आसान और पारदर्शी मिलेंगी।
- Written By: प्रिया सिंह
केन्याई कैबिनेट सचिव मर्सी वानजाउ (सोर्स- सोशल मीडिया)
Kenya’s Cabinet Secretary praises India’s digital system: केन्या गणराज्य की कैबिनेट सचिव मर्सी वानजाउ ने हाल ही में भारत का दौरा किया और यहां की डिजिटल प्रणालियों का गहन अध्ययन किया। उन्होंने भारत की तकनीक-संचालित प्रगति को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में महत्वपूर्ण माना। भारत की डिजिटल प्रणाली की विशेषताओं से प्रभावित होकर, वानजाउ ने विश्वास जताया है कि इन सफल मॉडलों को अपनाना केन्या के विकास में एक बड़ी छलांग साबित हो सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इन प्रणालियों से मिले मुख्य सबकों को साझा किया है।
केन्याई सचिव ने भारतीय डिजिटल मॉडल की खूबियां बताईं
केन्या गणराज्य की कैबिनेट सचिव मर्सी वानजाउ ने एक स्टडी मिशन के दौरान भारत की डिजिटल प्रणाली की बारीकी से जांच की। नई दिल्ली में केन्याई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए, उनका मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि भारत ने किस प्रकार ऐसी डिजिटल प्रणालियां विकसित की हैं जो आम नागरिकों को आसानी, तेजी और कम कागजी कार्रवाई के साथ सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में मदद करती हैं। उन्होंने विशेष रूप से पांच प्रमुख भारतीय डिजिटल प्रणालियों और पहलों पर प्रकाश डाला, जिन्हें केन्या अपनी डिजिटल यात्रा में शामिल कर सकता है।
विश्वसनीय डिजिटल पहचान- आधार प्रणाली
भारत की आधार प्रणाली प्रत्येक नागरिक को एक अद्वितीय संख्या (Unique Number) प्रदान करती है। यह संख्या बैंक खाते खोलने, सरकारी सहायता प्राप्त करने और सिम कार्ड पंजीकृत करने जैसे कई आवश्यक कार्यों के लिए उपयोग की जाती है। मर्सी वानजाउ के अनुसार, केन्या के लिए यह स्पष्ट सबक है कि एक विश्वसनीय डिजिटल आईडी सरकार के साथ काम करना बेहद आसान बना सकती है और धोखाधड़ी तथा दोहराव को कम करने में मदद कर सकती है।
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एकीकृत योजना और डेटा साझाकरण
भारत सड़कों, स्कूलों और जल परियोजनाओं के लिए एक साझा डिजिटल मानचित्र (Shared Digital Map) का उपयोग करता है। राष्ट्रीय और राज्य सरकारें एक ही डेटासेट के आधार पर समन्वय (Coordination) करती हैं। वानजाउ ने बताया कि केन्या में इस प्रकार की एकीकृत योजना (Integrated Planning) दोहराव वाली परियोजनाओं को कम कर सकती है, जिससे पैसे की बचत होगी और राष्ट्रीय व काउंटी सरकारों को एक साथ बेहतर ढंग से काम करने में मदद मिलेगी।
AI भाषिनी की तारीफ
AI भाषिनी पहल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके डिजिटल सेवाओं का स्थानीय भाषाओं में अनुवाद करने में भारत की सहायता कर रही है। यह सुनिश्चित करता है कि भाषा की बाधाओं के कारण कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे। इस पहल ने केन्याई टीम को स्वाहिली और उनकी स्थानीय भाषाओं में सेवाओं को मजबूत करने के लिए AI का उपयोग करने के अवसर की याद दिलाई, ताकि हर केन्याई नागरिक को शामिल महसूस हो सके।
त्वरित और शुल्क-मुक्त भुगतान यूपीआई
भारत की राष्ट्रीय डिजिटल भुगतान प्रणाली, यूपीआई (UPI), किसी को भी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या देरी के एक बैंक से दूसरे बैंक में तुरंत पैसे भेजने की सुविधा देती है। केन्या, जो पहले से ही मोबाइल मनी (Mobile Money) के क्षेत्र में अग्रणी है के लिए यूपीआई ने यह दिखाया कि कैसे एक राष्ट्रीय डिजिटल ‘रेल’ व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए अवसरों का विस्तार कर सकती है।
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पारदर्शिता और जवाबदेही
लेखा महानियंत्रक (Controller General of Accounts) की प्रणाली को देखकर, केन्याई प्रतिनिधिमंडल ने एक ऐसा तंत्र देखा जो वास्तविक समय (Real-time) में दर्शाता है कि सरकार धन कैसे खर्च करती है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है और धन की लीकेज (Waste or Misappropriation) कम होती है। इस पहल ने केन्या को सार्वजनिक वित्त में जवाबदेही (Accountability) को मजबूत करने के तरीके पर विचार करने के लिए प्रेरित किया, साथ ही सीधे सरकारी सहायता प्रदान करने के महत्व को भी रेखांकित किया।
