ईरान में फंसे हुए भारतीय छात्र (सोर्स- सोशल मीडिया)
Stranded Kashmiri Students In Iran: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुए करीब डेढ़ महीना बीत चुका है। ऐसे में ईरान में फंसे कश्मीरी छात्र अपने घर वापस लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन छात्रों के परेशान परिवार भारत सरकार द्वारा सुरक्षित निकासी की मांग लगातार कर रहे हैं। सभी लोगों को अबएग्जिट कोड प्रोसेसिंग में देरी के कारण बहुत ही ज्यादा घबराहट हो रही है।
ईरान और अमेरिका युद्ध की वजह से हजारों भारतीय सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं। लेकिन इन सब के बावजूद करीब 15 कश्मीरी छात्र अभी भी वहीं पर फंसे हुए हैं। इनमें ज्यादातर छात्राएं शामिल हैं जो वहां मुख्य रूप से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं।
इन छात्रों के अनुसार Iran से बाहर निकलने के लिए एग्जिट कोड मिलना बहुत जरूरी है। इस महत्वपूर्ण दस्तावेज के बिना देश छोड़कर बाहर जाना उनके लिए बिल्कुल भी संभव नहीं है। अगर यह कोड समय पर मिलता तो वे अजरबैजान के रास्ते सीमा पार करके वापस घर आ जाते।
कश्मीर के एक परिवार ने बताया कि शुरुआत में वहां निकासी का काम बहुत तेजी से हुआ था। पिछले हफ्ते करीब 30 छात्र पहले ही लौट आए थे और 10 अन्य को भी अनुमति मिली थी। लेकिन ये 15 छात्र पीछे रह गए हैं और उन्हें अब तक कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।
इन 15 छात्रों के पीछे रह जाने से कश्मीर में उनके परिवार वाले बहुत ज्यादा परेशान हैं। वहां से बच्चों का फोन आते ही उनकी चिंता बढ़ती है और परिवारों की रातों की नींद उड़ गई है। कुछ लोग सोशल मीडिया पर अधिकारियों से तुरंत सख्त कार्रवाई करने की अपील भी कर रहे हैं।
अभिभावकों ने बताया कि ये सभी बच्चे एक महीने से ज्यादा समय से Iran में फंसे हैं। दो होटलों में रुके ये बच्चे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और मदद की गुहार लगा रहे हैं। परिवारों ने अब भारत के विदेश मंत्री से इस पूरे मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है।
परिवार वाले भारत सरकार के अब तक के शानदार और सफल प्रयासों की बहुत सराहना कर रहे हैं। सरकार की मदद से कई छात्रों को सुरक्षित तरीके से उनके घर वापस लाया जा चुका है। लेकिन अब सभी चाहते हैं कि इन बचे हुए 15 छात्रों पर ध्यान देकर उन्हें जल्द घर लाया जाए।
जब इजरायल और ईरान के बीच टकराव बढ़ा था तो भारत सरकार ने एक सलाह जारी की थी। सभी नागरिकों को उस समय तुरंत ईरान छोड़ने के लिए बहुत स्पष्ट रूप से कहा गया था। इस दिशा में भारत सरकार और उसका दूतावास लगातार पूरी जिम्मेदारी के साथ कोशिश कर रहे हैं।
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भारत सरकार और दूतावास के सहयोग से लोगों को सुरक्षित जगहों पर भी पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद वहां से धीरे-धीरे करके लोगों को उनके घर वापस भेजने का काम किया जा रहा है। अभिभावकों की मांग है कि इन बचे हुए सभी छात्रों को एक साथ एग्जिट कोड दे दिया जाना चाहिए।