

Hamas in Pakistan: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के दादयाल में हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने एक बड़ी रैली आयोजित की। जिसमें खुलेआम हमास आतंकियों की तारीफ की गई। जानकारी के मुताबिक, इस कार्यक्रम में न केवल हमास का सम्मान किया गया, बल्कि जैश ने अपने कमांडरों से हमास जैसी रणनीतियों को अपनाने और हमला करने के लिए कहाष।
रैली का मंच जैश के शीर्ष कमांडर इलियास कश्मीरी ने संभाला। उनके आसपास कई स्थानीय और वरिष्ठ आतंकी नेता मौजूद थे। कश्मीरी ने मंच से भड़काऊ भाषण दिए गए और फिलिस्तीन के समर्थन में गीत भी गाए गए। भाषणों में हमास के आतंकवादी ऑपरेशन्स को आदर्श बताया गया और युवाओं को हमास से प्रेरणा लेकर जारी जंग लड़ने का आह्वान किया गया।
इसके साथ ही, जैश-ए-मोहम्मद की पुरानी रणनीति बदलकर हमास स्टाइल हमलों पर जोर देने की बात कही गई। इंटेल एजेंसियों के मुताबिक, यह रुझान जैश की आगामी रणनीति का संकेत हो सकता है। रैली के दौरान एक गीत भी प्रस्तुत किया गया, जिसके बोल थे, मैं फिलस्तीन हूं, ये मेरा जुर्म है। इस गीत का उद्देश्य भीड़ में संघर्ष और प्रतिरोध की भावना पैदा करना था। एजेंसियों के मुताबिक, जैश इस तरह के नैरेटिव के जरिए युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण खुलासा यह हुआ कि जैश के लड़ाकों को हमास की तरह सुरंगों, छोटे ग्रुप अटैक और ड्रोन आधारित हमलों की ट्रेनिंग दी जा रही है। कई लॉन्चिंग पॉइंट्स पर नई ट्रेनिंग मॉड्यूल शामिल किए गए हैं। प्रशिक्षकों को हमास द्वारा इस्तेमाल की गई तकनीकों और गुरिल्ला युद्ध रणनीतियों का अध्ययन कराया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह रुख सीमा पर नए और गंभीर सुरक्षा खतरों को जन्म दे सकता है।
दादयाल लंबे समय से जैश की गतिविधियों का केंद्र रहा है, लेकिन अब हमास मॉडल अपनाने की कोशिश, खुलेआम रैली और आतंकी नेताओं का खुला भाषण भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। इंटेल सूत्रों के अनुसार, यह रैली जैश के किसी आगामी आतंकी हमले की तैयारी का संकेत देती प्रतीत होती है। जिसे हलके में नहीं लिया जा सकता।