भारत ने तोड़ी जैश की कमर...तो फिर भीख मांगने लगे आतंकी, सर्दी के कंबल तक नहीं हो रहा नसीब

Pakistan News: जैश-ए-मोहम्मद ने ऑनलाइन चंदा अभियान शुरू किया, सर्दी के कपड़े और जरूरतों के लिए 500 रुपये से 2 लाख मांग रहे, FATF पाकिस्तान में आतंकियों की फंडिंग पर अनदेखी कर रहा।
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जैश चला रहा ऑनलाइन डोनेशन अभियान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Jaish-e-Mohammad Donation Campaign: भारत में फिदायीन स्क्वॉड पकड़े जाने से पाकिस्तानी के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को तगड़ा झटका लगा है। भारतीस एजेंसियों की कार्रवाई के बीच जैश ने एक बार फिर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का खुलेआम मजाक उड़ा रहा है। जैश-ए-मोहम्मद ने हाल ही में चंदा जुड़ाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाते हुए ऑनलाइन डोनेशन अभियान शुरु किया है।

जानकारी के मुताबिक, संगठन ने मोबाइल नंबर शेयर किया है, जो JazzCash ऐप से जुड़ा है। यहां तक वो संगठन के सदस्यों के लोगों को बरगलाने और चंदा लेने के लिए ट्रेनिंग भी दे रहा है, और आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे 500 रुपये से 2 लाख पाकिस्तानी रुपये तक डोनेट करें, ताकि पाकिस्तान में उसके कैंप में रह रहे आतंकियों को सर्दी से बचाया जा सके।

उमर फारूक ने संभाली कमान

JazzCash ऐप से जुड़े इस नंबर की जांच के बाद पता चला कि यह कमांडर उमर फारूक का है, जो पाकिस्तान के सक्कर जिले का रहने वाला है और जैश के नए हेडक्वार्टर मरकज उस्मान ओ अली में काम करता है। उसका CNIC नंबर भी सामने आ चुका है। उमर फारूक जैश सरगना मसूद अजहर के भाई तल्हा अल सैफ का करीबी माना जाता है।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तान में अलग-अलग कैंपों में 238 से ज़्यादा आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इसलिए संगठन का मकसद करीब 4 करोड़ पाकिस्तानी रुपये तक चंदा जुटाना है। उनके प्रचार में कहा जा रहा है कि जो लोग आतंकियों के लिए सर्दी की किट देंगे, उन्हें भी जिहादी माना जाएगा। सर्दी की किट में जूते, गद्दा, वार्म टेंट, चुराब और हॉट वीसल जैसी चीजें शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 20,000 पाकिस्तानी रुपये बताई गई है।

पहले भी चलाया था अभियान

इससे पहले भी जैश-ए-मोहम्मद ने अगस्त में 391 करोड़ रुपये की डोनेशन कैंपेन चलाया था। जिसका खुलासा एजेंसियों ने किया था। यह साफ है कि FATF जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां पाकिस्तान में चल रहे ऐसे खुले आतंकियों के डोनेशन अभियान को नजरअंदाज कर रही हैं। चिंता की बात है कि तीन महीने के भीतर एक बार फिर जैश ने नया फंडरेजिंग अभियान शुरू कर दिया है।

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