इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (सोर्स- सोशल मीडिया)
Benjamin Netanyahu on Iran War: मिडिल ईस्ट ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष से दहला हुआ है। यह जंग अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुकी है, लेकिन किसी भी पक्ष की ओर से युद्धविराम के संकेत नहीं दिखाई दे रहे। शनिवार देर रात, इजरायल और अमेरिका ने तेहरान में एक तेल डिपो पर जोरदार हमला किया। इसी बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयान ने खाड़ी देशों की चिंता को औ बढ़ा दिया है।
नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका लक्ष्य ईरानी शासन को पूरी तरह समाप्त करना है और वे इस लड़ाई को अपनी पूरी ताकत से जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अपने हालिया टीवी संबोधन में इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध को पूरी शक्ति से जारी रखा जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया जब ईरान लगातार अपने खाड़ी के पड़ोसियों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बना रहा है।
शनिवार देर रात तेहरान के एक तेल डिपो पर हमला किया गया, जिससे वहां बड़ी आग लग गई। इजरायली सेना ने इस हमले की पुष्टि की है। एसोसिएटेड प्रेस के वीडियो में रात के अंधेरे में तेहरान के आसमान में उठती आग की लपटें दिखाई गईं। माना जा रहा है कि यह पहली बार है जब इस जंग में किसी सिविल इंडस्ट्रियल फैसिलिटी को निशाना बनाया गया।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने बताया कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में अब तक कम से कम 1,332 ईरानी नागरिक मारे जा चुके हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा, हजारों लोग घायल हुए हैं, 180 से अधिक बच्चे मारे गए हैं और 20 से अधिक स्कूलों को नुकसान पहुंचा है।
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ईरान की सरकारी मीडिया ने हमले का आरोप अमेरिका और इजरायल पर लगाया है। इससे एक दिन पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने खाड़ी के पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए माफी मांगी थी, जबकि ईरान की मिसाइलें और ड्रोन लगातार उन्हें निशाना बना रही थीं। कट्टरपंथी नेताओं ने दावा किया है कि तेहरान अपनी युद्ध रणनीति में कोई बदलाव नहीं करेगा।