बेरूत में इजरायल का कोहराम, फोटो (सो. आईएएनएस)
Israel Beirut Air Strike: इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने गुरुवार और शुक्रवार को लेबनान के विभिन्न हिस्सों में हिज्बुल्लाह के सैन्य और वित्तीय ढांचे को नेस्तनाबूद करने का दावा किया है। बेरूत के रिहायशी इलाकों से लेकर बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान के सुदूर क्षेत्रों तक इजरायली विमानों ने हिज्बुल्लाह के उन ठिकानों को निशाना बनाया है जो इस संगठन की ‘लाइफलाइन’ माने जाते थे।
इजरायली वायु सेना की इस कार्रवाई का सबसे बड़ा लक्ष्य हिज्बुल्लाह का वित्तीय संगठन ‘अल-कर्द अल-हसन’ रहा है। आईडीएफ के अनुसार, यह संगठन आम नागरिकों के पैसों का इस्तेमाल हिज्बुल्लाह की आतंकी गतिविधियों और हथियारों की खरीद के लिए करता था। ताजा हमलों में बेरूत स्थित इस संगठन की अतिरिक्त संपत्तियों और प्रमुख आर्थिक ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।
सैन्य अधिकारियों का दावा है कि इन हमलों के बाद ‘अल-कर्द अल-हसन’ की गतिविधियां पूरी तरह से रुक गई हैं और इसका ढांचा बुरी तरह चरमरा गया है, जिससे हिज्बुल्लाह को मिलने वाली वित्तीय मदद का स्रोत बंद हो गया है।
वित्तीय चोट पहुंचाने के साथ-साथ इजरायल ने हिज्बुल्लाह की मारक क्षमता को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के लगभग दस हथियार भंडारण स्थलों पर सटीक बमबारी की गई। विशेष रूप से लितानी और जहरानी नदियों के बीच स्थित गोदामों को निशाना बनाया गया, क्योंकि इसी सप्ताह की शुरुआत में इन्हीं इलाकों से इजरायल पर रॉकेट दागे गए थे। इन गोदामों के नष्ट होने से हिज्बुल्लाह की भविष्य में हमला करने की क्षमता काफी कम हो गई है।
इस सैन्य अभियान की सबसे बड़ी सफलता हिज्बुल्लाह की मिसाइल यूनिट के कमांडर अबू दरार मोहम्मद को मार गिराना माना जा रहा है। इजरायली वायु सेना (IAF) ने मंगलवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर किए गए हमले में उसे ढेर कर दिया। अबू दरार केवल एक कमांडर नहीं था, बल्कि वह रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और हिज्बुल्लाह के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी था।
अबू दरार मोहम्मद हिज्बुल्लाह के रणनीतिक सैन्य हथियारों और रॉकेट यूनिट की प्रक्रियाओं का नेतृत्व करता था। उसने ही ‘ऑपरेशन नॉर्दर्न एरोज’ और ‘ऑपरेशन रोअर ऑफ द लायन’ के दौरान इजरायल की ओर किए गए मिसाइल हमलों का निर्देशन किया था। हिज्बुल्लाह की रॉकेट क्षमता को फिर से मजबूत करने के प्रयासों में वह सबसे मुख्य व्यक्ति था और उसकी मौत संगठन के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
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इजरायल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह हिज्बुल्लाह के संसाधनों और नेतृत्व को पूरी तरह समाप्त करने तक अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। इस ताजा प्रहार ने न केवल हिज्बुल्लाह की वित्तीय शक्ति को छीना है, बल्कि उसके मिसाइल तंत्र को भी दिशाहीन कर दिया है।