बेंजामिन नेतन्याहू, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Israel PM Netanyahu Warning Hezbollah Lebanon Attack: पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में घोषित दो सप्ताह के Ceasefire के बावजूद इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को रोकने से साफ इनकार कर दिया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को एक बेहद सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इजरायल, ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह पर जहां भी जरूरी होगा, हमला करना जारी रखेगा।
दरअसल, ईरान ने दावा किया था कि अमेरिका के साथ हुए उसके 10-सूत्रीय शांति समझौते में लेबनान में हमलों को रोकना भी शामिल है। हालांकि, इजरायल और अमेरिका ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। बेंजामिन नेतन्याहू का यह बयान लेबनान पर इजरायल के उस घातक हवाई हमले के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है।
इजरायली पीएम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर स्पष्ट किया कि उनकी सेना पूरी ताकत, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ हिज्बुल्लाह को निशाना बना रही है।
बुधवार को हुए इजरायली हमलों ने लेबनान में भारी तबाही मचाई है। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। लेबनान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस त्रासदी को देखते हुए गुरुवार को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया है और सरकारी कार्यालयों में झंडे झुकाने का आदेश दिया है। हिज्बुल्लाह ने इन हमलों को अमेरिका-ईरान संघर्ष-विराम का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई के रूप में इजरायल पर रॉकेट दागे हैं।
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया कि उसके जवान दक्षिणी लेबनान में मार्च की शुरुआत से ही जमीनी अभियान चला रहे हैं और अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। इजरायल ने रात के समय उन दो प्रमुख मार्गों पर हमला किया जिनका उपयोग हिज्बुल्लाह के कमांडर लिटानी नदी के आर-पार हथियार और रॉकेट पहुंचाने के लिए करते थे। इसके अलावा, इजरायल ने लगभग 10 हथियार भंडारण केंद्रों, लॉन्चरों और कमांड सेंटरों को तबाह करने का दावा किया है।
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प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुख्य उद्देश्य इजरायल के उत्तरी इलाके के निवासियों की सुरक्षा को पूरी तरह बहाल करना है। उन्होंने कहा कि जो कोई भी इजरायली नागरिकों को नुकसान पहुंचाएगा उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। इस बीच, उत्तरी इजरायल के इलाकों में लगातार सायरन बज रहे हैं और लोग बंकरों में रहने को मजबूर हैं। वैश्विक समुदाय को डर है कि यदि यह संघर्ष नहीं थमा तो अमेरिका-ईरान के बीच हुआ नाजुक युद्धविराम भी टूट सकता है।