सांकेतिक एआई फोटो
Israel Air Force Iran Strike: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने ईरान और लेबनान में रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले करने का दावा किया है। इजरायली एयरफोर्स (IAF) के अनुसार, मंगलवार रात और बुधवार को किए गए इन ऑपरेशनों में ईरान के सैन्य निर्माण उद्योग और हिज्बुल्लाह के आर्थिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।
इजरायल ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर ईरान के इस्फहान में स्थित ‘मिलिट्री अंडरवॉटर सिस्टम’ के रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर को निशाना बनाया। IDF के अनुसार, यह केंद्र ईरान में एकमात्र ऐसी जगह है जो ईरानी नेवी के लिए सबमरीन और सहायक प्रणालियों को डिजाइन करने और बनाने के लिए जिम्मेदार है। यहां बिना इंसानों वाले जहाजों के भी कई मॉडल तैयार किए जाते थे। इस हमले के बाद ईरान की नई और आधुनिक सबमरीन बनाने और अपने मौजूदा बेड़े को अपग्रेड करने की क्षमता काफी हद तक सीमित हो गई है।
लेबनान में कार्रवाई करते हुए इजरायली वायुसेना ने दहियाह में हिज्बुल्लाह के मुख्यालय और सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमला किया। इस हमले का मुख्य निशाना ‘अल-अमाना’ कंपनी के कई फ्यूल स्टेशन थे जो पूरी तरह से हिज्बुल्लाह के नियंत्रण में थे। ये स्टेशन हिज्बुल्लाह के लिए दोहरे स्तर पर काम करते थे पहला, इनका इस्तेमाल हथियारों और लड़ाकों को ले जाने वाले ट्रकों में ईंधन भरने के लिए किया जाता था और दूसरा, इनसे संगठन को लाखों डॉलर का मुनाफा होता था।
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने इन हमलों को जायज ठहराते हुए कहा कि हिज्बुल्लाह लगातार नागरिक इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल अपने सैन्य उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए करता है। उनका दावा है कि यह रणनीति न केवल अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है बल्कि लेबनान के आम नागरिकों को ढाल की तरह इस्तेमाल करने का स्पष्ट उदाहरण भी है। IDF के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता को और बढ़ाती हैं।
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इजरायल ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह ईरान से जुड़े उन सैन्य ठिकानों और उद्योगों को निशाना बनाना जारी रखेगा जिन्हें ईरान ने लंबे समय में विकसित किया है। इजरायल का कहना है कि इन क्षमताओं को कमजोर करना उसकी सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है ताकि भविष्य में होने वाले संभावित खतरों को रोका जा सके और क्षेत्र में अपनी सैन्य बढ़त बनाए रखी जा सके।