होर्मुज में उबाल…भारत आ रहे जहाज को ईरान ने घेरा, शिप नहीं रोकने पर बरसाई ताबड़तोड़ गोलियां
US-Iran War: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारत आ रहे जहाज समेत दो कार्गो शिप जब्त किए। फायरिंग और तनाव के बीच इस कार्रवाई से वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग पर हड़कंप मच गया है।
- Written By: अक्षय साहू
(सांकेतिक तस्वीर)
India-Bound Ship Among 2 Seized By IRGC: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए हैं, जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दो बड़े कार्गो जहाजों को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक तेल और व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है।
IRGC के अनुसार, उसने ‘MSC-फ्रांसेस्का’ और ‘एपामिनोंडेस’ नाम के जहाजों को कब्जे में लिया। ईरान का आरोप है कि ये जहाज आवश्यक परमिट के बिना संचालन कर रहे थे और इनके नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की गई थी, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हुआ।
गुजरात की ओर आ रहा था MSC-फ्रांसेस्का
बताया जा रहा है कि ‘एपामिनोंडेस’ नाम का कंटेनर जहाज लाइबेरिया के झंडे के तहत संचालित हो रहा था और जेबेल अली पोर्ट से गुजरात की ओर बढ़ रहा था। यानी यह जहाज भारत की दिशा में जा रहा था, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ही उसे रोक लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी बलों ने पहले चेतावनी दी, लेकिन आदेश का पालन न करने पर IRGC की गनबोट ने उस पर फायरिंग की, जिससे जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा।
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इसके कुछ ही समय बाद ‘MSC-फ्रांसेस्का’ को भी निशाना बनाया गया। यह जहाज ईरान के तट से करीब 6 नॉटिकल मील दूर था, जब IRGC ने उसे रोका और बाद में अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ईरानी सैनिक जहाज पर चढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये दोनों जहाज एक बड़े काफिले का हिस्सा थे। हालांकि, काफिले के कुछ अन्य जहाज ट्रांसपोंडर बंद कर चुपचाप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने में सफल रहे।
होर्मुज को पूरी तरह खोलना असंभव: गालिबफ
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्धविराम को अचानक बढ़ाने का फैसला किया। इसके बावजूद, ईरान के बंदरगाहों पर तनाव और नाकेबंदी की स्थिति बनी हुई है।
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ईरान के शीर्ष नेता मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा है कि मौजूदा हालात में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलना संभव नहीं है। वहीं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिकी नाकेबंदी को समझौते का उल्लंघन बताया है। दूसरी ओर, अमेरिका का दावा है कि अब तक 28 जहाजों को वापस लौटाया जा चुका है और नाकेबंदी आगे भी जारी रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
