इजरायल का UN पर बड़ा प्रहार! पूर्वी यरुशलम में UNRWA दफ्तर पर चलवाया बुलडोजर, मचा हड़कंप

Israel UN Relations: इजरायली सुरक्षा बलों ने पूर्वी यरुशलम में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी UNRWA के परिसर में इमारतों को बुलडोजर से ढहा दिया है। UNRWA ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
Israel launches a major attack on the UN! A bulldozer was used to demolish the UNRWA office in East Jerusalem, causing widespread outrage.
इज़रायल का UNRWA पर बुलडोजर कार्रवाई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Israel UNRWA Bulldozer Action: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल और संयुक्त राष्ट्र के बीच टकराव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार सुबह करीब 7 बजे इजरायली सुरक्षा बलों ने पूर्वी यरुशलम में संयुक्त राष्ट्र की फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी (UNRWA) के परिसर में घुसकर बुलडोजर चला दिया। इस कार्रवाई में एजेंसी के कई बड़े और छोटे ढांचों को जमींदोज कर दिया गया है।

कैसे हुई कार्रवाई?

UNRWA के प्रवक्ता जोनाथन फाउलर के अनुसार, इजरायली सुरक्षा बल सुबह परिसर में दाखिल हुए और सबसे पहले वहां तैनात सुरक्षा गार्डों को बाहर निकाला। इसके तुरंत बाद भारी सुरक्षा के बीच बुलडोजर अंदर लाए गए और इमारतों को तोड़ना शुरू कर दिया गया। इन इमारतों में कभी दर्जनों कर्मचारी काम किया करते थे और यहां गाजा और वेस्ट बैंक के लिए राहत सामग्री रखी जाती थी।

इजरायल और UN के अलग-अलग दावे

इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई इजरायली और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत की गई है। यरुशलम नगर निगम का दावा है कि UNRWA ने प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया था। हालांकि, UNRWA ने इन दावों को खारिज करते हुए इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून की 'खुली और जानबूझकर अवहेलना' करार दिया है। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि यह एजेंसी को पूरी तरह खत्म करने की इजरायल की एक कोशिश है।

क्या है ये विवाद?

इजरायल और UNRWA के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। अक्टूबर 2024 में इजरायल की संसद ने एक कानून पास कर UNRWA को देश में काम करने से रोक दिया था। इजरायल का आरोप है कि इस एजेंसी के कुछ कर्मचारी हमास से जुड़े थे और वे 7 अक्टूबर 2023 के हमलों में शामिल थे। इजरायली अधिकारियों ने एजेंसी के ठिकानों की बिजली और पानी काटने की योजना भी पहले ही बता दी थी।

वैश्विक स्थिति

पूर्वी यरुशलम को संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के अधिकांश देश 'अधिकृत क्षेत्र' मानते हैं जबकि इजरायल इसे अपना हिस्सा बताता है। इस ताजा कार्रवाई के बाद इजरायल के कट्टरपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com