ईरानी रेलवे, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran UNESCO Appeal Trans Iranian Railway: मध्य पूर्व में जारी तनाव अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गया है जहां कूटनीति की जगह बारूद की गंध हावी होने लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए ‘मिडनाइट अल्टीमेटम’ की समय सीमा जैसे-जैसे करीब आ रही है, ईरान ने अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय गुहार लगानी शुरू कर दी है।
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को (UNESCO) को एक आधिकारिक पत्र लिखकर इजरायली हमलों की धमकी से अपनी विश्व धरोहरों की रक्षा करने की अपील की है।
ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्री रेजा सलीही अमीरी ने यूनेस्को के महानिदेशक को एक पत्र भेजकर देश के रेलवे सिस्टम पर होने वाले संभावित हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करने का आग्रह किया है। ईरान की आईएसएनए (ISNA) न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान का 1,394 किलोमीटर लंबा ‘ट्रांस-ईरानी रेलवे’ केवल एक यातायात मार्ग नहीं बल्कि इंजीनियरिंग की एक बेमिसाल मिसाल है।
यह रेल नेटवर्क उत्तर-पूर्व में कैस्पियन सागर को दक्षिण-पश्चिम में फारस की खाड़ी से जोड़ता है। इसकी खड़ी चढ़ाई वाले रास्तों और जटिल इंजीनियरिंग को देखते हुए यूनेस्को ने साल 2021 में इसे ‘विश्व धरोहर’ (World Heritage Site) के रूप में मान्यता दी थी। ईरानी प्रशासन का तर्क है कि इस पर हमला करना पूरी इंसानियत की साझी विरासत पर हमला करने जैसा होगा।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रति अपने रुख को और कड़ा कर दिया है। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने बेहद आक्रामक दावा करते हुए कहा कि ईरान को ‘एक ही रात में खत्म किया जा सकता है’। ट्रंप ने ईरान के लिए मंगलवार रात 8 बजे (वाशिंगटन समय) तक की डेडलाइन तय की है जो भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे समाप्त होगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान इस निर्धारित समय सीमा से पहले अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता है तो सैन्य कार्रवाई किसी भी पल शुरू की जा सकती है।
इस तनाव के बीच इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने भी अपनी सैन्य तैयारियों और अब तक की गई कार्रवाई का विवरण साझा किया है। मंगलवार को जारी एक नए वीडियो में आईडीएफ ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम पर भीषण हवाई हमले किए हैं। सेना के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक ईरान के 130 से ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम को सफलतापूर्वक तबाह किया जा चुका है।
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सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि एयर डिफेंस सिस्टम के नष्ट होने से ईरान के बुनियादी ढांचों, जिनमें उसकी विश्व धरोहरें पर हमले का खतरा और बढ़ गया है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार रात 8 बजे की उस समय सीमा पर टिकी हैं जो यह तय करेगी कि यह संघर्ष बातचीत के जरिए सुलझेगा या फिर मध्य पूर्व में एक और भीषण युद्ध की शुरुआत होगी।