कार्गो शिप पर अमेरिकी कब्जे से होर्मुज में उबाल! Iran ने ट्रंप को दी सीधी धमकी, बोले- जल्द लेंगे बदला
US-Iran War: अमेरिकी नौसेना ने ओमान सागर में घेराबंदी तोड़ रहे ईरानी जहाज के इंजन रूम को उड़ाकर उसे कब्जे में लिया। ईरान ने इसे "समुद्री डकैती" बताते हुए सैन्य बदले की खुली चेतावनी दी है।
- Written By: अक्षय साहू
कार्गो शिप पर अमेरिकी कब्जे को लेकर ईरान चेतावनी दी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Warns US Over Seizure Cargo Ship: ईरान (Iran) के हजरत खातम अल-अनबिया सैन्य मुख्यालय ने पुष्टि की है कि ओमान सागर में एक ईरानी जहाज पर अमेरिका ने हमला किया और इसे जब्त कर लिया। ईरानी बयान में आरोप लगाया गया कि अमेरिकी नौसेना ने युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए ईरानी पोत को निशाना बनाया और इसे “समुद्री डकैती” के रूप में रोका।
बताया गया कि अमेरिकी सैनिकों ने जहाज के डेक पर तैनात होकर उसके नेविगेशन सिस्टम को निष्क्रिय किया। साथ ही ईरान (Iran) ने चेतावनी दी कि उसकी सशस्त्र सेनाएं जल्द ही इस कार्रवाई का जवाब देंगी और बदला लेंगी।
नाकेबंदी पार करने की कोशिश कर रहा थी जहाज
यह घटना अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) द्वारा जारी बयान के बाद सामने आई, जिसमें बताया गया कि रविवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास एक ईरानी मालवाहक जहाज, जिसे नाकाबंदी को पार करने की कोशिश करते हुए पाया गया, को अमेरिकी नौसेना ने जबरन कब्जे में लिया। यह घटना ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी शुरू होने के बाद पहली बार हुई बड़ी कार्रवाई है।
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ईरानी जहाज उस समय उत्तरी अरब सागर में बंदर अब्बास की ओर बढ़ रहा था, जिसकी गति 17 समुद्री मील प्रति घंटे थी। अमेरिकी नौसेना ने बार-बार चेतावनी दी कि यह जहाज नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहा है। लेकिन छह घंटे तक चेतावनी को नजरअंदाज करने के बाद, अमेरिकी युद्धपोत USS Spruance ने जहाज के इंजन रूम में छेद कर उसे रोक दिया। इसके बाद 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के अमेरिकी सैनिकों ने जहाज पर चढ़कर कार्रवाई की, और जहाज फिलहाल अमेरिकी हिरासत में है।
सोच-समझकर किया गया कब्जा: सेंटकॉम
अमेरिकी कमान ने कहा कि कार्रवाई पूरी तरह सोच-समझकर, पेशेवर और उचित तरीके से की गई। नाकाबंदी शुरू होने के बाद 25 कमर्शियल जहाजों को लौटने का निर्देश दिया गया। इसी बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में नाकाबंदी तोड़ने वाले जहाज को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है।
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होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव
इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका-ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरान (Iran) की चेतावनी और अमेरिकी कार्रवाई ने क्षेत्रीय सुरक्षा को गंभीर चुनौती के तहत ला दिया है, और यह हालात इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता के ठीक पहले घटित हुआ, जिससे वार्ता की संभावनाओं पर भी असर पड़ा है।
