हमारे दुश्मनों की मदद… ईरान ने ब्रिटेन को दी धमकी, लंदन के सैन्य ठिकानों पर मंडराया खतरा
Iran Warning To Britain: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना को बेस इस्तेमाल करने देना युद्ध में शामिल होना माना जाएगा।
- Written By: अमन उपाध्याय
अब्बास अराघची और कीर स्टार्मर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Threatens Britain US Military Bases: मध्य-पूर्व में जारी युद्ध की आग अब यूरोप तक पहुंचने लगी है। ईरान ने ब्रिटेन को सीधी और कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उसने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी तो इसे सीधे तौर पर जंग में शामिल होना माना जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ब्रिटेन की नेता यवेट कूपर से फोन पर बात कर स्पष्ट किया कि अमेरिका की सहायता करने से क्षेत्रीय हालात और अधिक खराब होंगे।
ब्रिटेन पर एकतरफा रुख का आरोप
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कूटनीतिक बातचीत के दौरान ब्रिटेन और कुछ यूरोपीय देशों पर ‘एकतरफा रुख’ अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ये देश इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों को नजरअंदाज कर रहे हैं। अराघची ने विशेष रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि ब्रिटेन ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए भीषण हमलों की आलोचना नहीं की। ईरान का मानना है कि ब्रिटेन की यह चुप्पी उसे हमले के लिए उकसाने जैसी है।
ब्रिटिश एयरबेस पर अमेरिकी बी-52
इस धमकी के बीच, ब्रिटेन के आरएएफ (RAF) फेयरफोर्ड एयरबेस पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में दो अमेरिकी B-52 बॉम्बर विमानों को इस एयरबेस से उड़ान भरते देखा गया। ये विमान करीब 15 घंटे के मिशन पर गए थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब इन विमानों ने उड़ान भरी थी तब इनके नीचे 12-12 JASSM क्रूज मिसाइलें लगी हुई थीं लेकिन वापस लौटते समय वे मिसाइलें गायब थीं। इससे यह संकेत मिलता है कि इन मिसाइलों का इस्तेमाल ईरान या उसके सहयोगी ठिकानों पर किया जा चुका है।
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‘डिफेंसिव’ होगा एक्शन
दूसरी ओर, ब्रिटेन ने इस पूरे मामले में संभलकर कदम बढ़ाने की कोशिश की है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने स्पष्ट किया है कि उनका देश इराक युद्ध जैसी ऐतिहासिक गलती को दोबारा नहीं दोहराना चाहता। ब्रिटेन का कहना है कि वह अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल केवल ‘डिफेंसिव स्ट्राइक’ के लिए ही करने देगा।
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तेहरान और यरुशलम में भारी धमाके
युद्ध के मैदान में तनाव चरम पर है। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने दावा किया है कि उसने तेहरान के नूर इलाके में हमले शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार देर रात भी यरुशलम और तेहरान में भारी धमाकों की आवाजें सुनी गईं जो इस बात का संकेत हैं कि दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइल हमले जारी रखे हुए हैं। इस टकराव के आने वाले समय में और अधिक हिंसक होने की आशंका जताई जा रही है।
