ईरान ने यूएई से मुआवजा मांगा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Seeks Compensation from UAE: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने मध्य पूर्व के अन्य देशों की स्थिति को भी कठिन बना दिया है। दोनों देशों के संघर्ष के बीच क्षेत्रीय राष्ट्र कई दिक्कतों में फंस गए हैं। इस बीच, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से अमेरिकी हमलों के कारण हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है।
ईरान ने इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र महासचिव को एक पत्र भेजा है। पत्र में ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत आमिर सईद इरवानी ने आरोप लगाया कि UAE ने अपनी जमीन का उपयोग अमेरिकी हमलों के लिए करने की अनुमति देकर ईरान के क्षेत्र पर किए गए हमलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैध बनाने में मदद की। इस वजह से यूएई पर अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी बनती है।
तेहरान ने अपने पत्र में कहा कि UAE को ईरान को सभी भौतिक और नैतिक नुकसानों की भरपाई करनी चाहिए। यह पत्र ईरान द्वारा पहले की सात शिकायतों के बाद आया है। इन शिकायतों में ईरान ने अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए सैन्य अभियानों में क्षेत्रीय देशों के हवाई क्षेत्र और जमीन के गैरकानूनी उपयोग का आरोप लगाया था।
राज्य‑समर्थित मीडिया चैनल Press TV के अनुसार, इरवानी ने अपने पत्र में विस्तार से बताया कि जॉर्डन, UAE, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, कतर और कुवैत जैसे देशों ने अमेरिकी और इजरायली हमलों को सुगम बनाने के लिए अपनी जमीन और हवाई क्षेत्र उपलब्ध कराया। उन्होंने संबंधित सरकारों से अनुरोध किया कि वे अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांत का पालन करें और अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियानों के लिए न होने दें। इरवानी ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी‑इजरायली अभियानों में इन देशों की भूमि और हवाई क्षेत्र का उपयोग स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
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एक अन्य पत्र में, इरवानी ने बताया कि 28 फरवरी को अमेरिकी बलों द्वारा ईरान पर हमला किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हमले के लिए क्षेत्रीय देशों, जिनमें जॉर्डन भी शामिल है, की जमीन का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, उन्होंने कहा कि इन देशों में तैनात अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के दक्षिणी प्रांतों में सैन्य अभियान में भाग लिया।