जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची (सोर्स- सोशल मीडिया)
Japan on Iran Crisis: ईरान में अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है, और हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इसी बीच जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने इस पर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने ईरान में बढ़ते संकट के बीच शांति की अपील की और कहा कि जापान को इस बात का गहरा दुख है कि प्रदर्शन में कई आम लोग मारे गए हैं या घायल हुए हैं।
साने ताकाइची ने यह भी कहा कि जापान शांतिपूर्ण विरोधों पर किसी भी प्रकार के बल प्रयोग का विरोध करता है और उम्मीद जताई कि ईरान सरकार इस मुद्दे को शांति से हल करेगी। प्रधानमंत्री ताकाइची ने आगे कहा कि जापान ईरान में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईरान को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और चेतावनी दी कि वह सैन्य कार्यवाही का आदेश दे सकते हैं। ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि ईरान में प्रदर्शनकारियों ने कुछ ऐसे शहरों पर कब्जा कर लिया है, जिनके बारे में पहले कोई सोच भी नहीं सकता था।
इस बीच, ईरान के सरकारी चैनल पर खामेनेई का एक बयान प्रसारित हुआ, जिसमें उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देश में एकता का आह्वान किया। खामेनेई ने विरोध प्रदर्शनों को विदेशी साजिश करार दिया, विशेषकर अमेरिका की ओर इशारा किया। ईरानी अधिकारियों ने धमकी दी कि वे अशांति फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। साथ ही, इंटरनेट बंद कर दिया गया है, जिससे सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की जा रही है।
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ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कालिबाफ ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस्लामिक गणराज्य पर हमला करता है, तो अमेरिकी सेना और इजरायल दोनों जवाबी कार्रवाई की जाएगी। कालिबाफ उन्होंने यह बयान उस समय दिया जब संसद में कुछ सांसद ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए मंच पर चढ़ गए। उनके इस बयान से यह संकेत मिल रहे है कि ईरान संभावित लक्ष्यों की सूची में इजरायल को भी शामिल किया है।
एजेंसी इनपुट के साथ-