ईरान की पाताललोक में ‘Missile City’ आत्मघाती ड्रोनों का जखीरा, ईरान की 200 डॉलर प्रति बैरल तेल की चेतावनी
Iran Missile City: ईरान ने अपनी गुप्त 'मिसाइल सिटी' का खुलासा किया है, जहां घातक ड्रोनों और मिसाइलों का भंडार है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तैनात ये ड्रोन वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान के घातक आत्मघाती ड्रोन और मिसाइल (सोर्स-सोशल मीडिया)
Global Oil Supply Threat: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ता तनाव अब समुद्र की गहराइयों तक पहुंच गया है, जहां ईरान ने अपनी ताकत दिखाई है। ईरानी सेना ने अपनी ‘मिसाइल सिटी’ के वीडियो जारी कर दुनिया को हैरान कर दिया है, जिसमें आधुनिक हथियारों का जखीरा है। इन घातक हथियारों और आत्मघाती ड्रोनों की तैनाती से अब अंतरराष्ट्रीय जल मार्गों पर जहाजों की सुरक्षा पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की आपूर्ति रुकने से पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जो एक बड़ा खतरा है।
पाताललोक में छिपी खतरनाक ताकत
ईरान की इस अंडरग्राउंड ‘मिसाइल सिटी’ में लंबी सुरंगें हैं, जो नौसैनिक ड्रोनों, एंटी-शिप मिसाइलों और समुद्री खदानों से पूरी तरह भरी हुई हैं। सरकारी टेलीविजन पर जारी फुटेज में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरों के नीचे इन घातक हथियारों को ट्रेलर पर तैनात दिखाया गया है। हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि ये वीडियो कब रिकॉर्ड किए गए, लेकिन इनका सार्वजनिक होना दुश्मन देशों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
Iran published footage of underground tunnels stocked with naval drones, anti-ship missiles, and sea mines. Reuters reported, citing US officials, that Iran has mined the Strait of Hormuz with dozens of sea mines. #Iran pic.twitter.com/Kcwp5UqkXq — NOELREPORTS 🇪🇺 🇺🇦 (@NOELreports) March 11, 2026
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छोटे ड्रोन और अमेरिकी नौसेना की मुसीबत
ईरान के पास मानवरहित सतही वाहनों यानी आत्मघाती ड्रोन नौकाओं का एक बड़ा जखीरा है, जिन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य में तैनात किया जा रहा है। ये छोटे ड्रोन पानी की सतह के ठीक नीचे चलते हैं और इनमें विस्फोटक लदे होते हैं, जो टकराते ही जहाज को पूरी तरह तबाह कर देते हैं। इनकी बहुत छोटी बनावट के कारण अमेरिकी नौसेना के रडार के लिए इन्हें ट्रैक करना और रोकना बहुत ही मुश्किल और बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
तेल टैंकरों पर हुए खूनी हमले
हाल ही में ओमान के तट के पास मार्शल द्वीप समूह के एक कच्चे तेल के टैंकर ‘एमकेडी वीवाईओएम’ पर इन ड्रोनों से हमला हुआ था। इस हमले में जहाज के इंजन रूम में भीषण विस्फोट हुआ जिससे चालक दल के एक बेगुनाह सदस्य को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इसके बाद इराक के पास एक अन्य टैंकर ‘सोनांगोल नामिबे’ पर भी हमला हुआ, जिससे यह साफ है कि खाड़ी क्षेत्र अब सुरक्षित नहीं है।
200 डॉलर प्रति बैरल तेल का खतरा
ईरान ने कड़ी धमकी दी है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल की वैश्विक आपूर्ति को पूरी तरह रोक देगा। दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा इसी संकरे मार्ग से गुजरता है, जिसके बंद होने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था अचानक चरमरा सकती है। ईरानी अधिकारियों ने दुनिया को चेतावनी दी है कि आने वाले समय में हमें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने वाली तेल की कीमतों के लिए तैयार रहना चाहिए।
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युद्ध का बढ़ता हुआ दायरा
ईरान द्वारा जारी वीडियो में छोटी स्पीडबोट जैसे ड्रोन टैंकरों से टकराते और हवा में घना काला धुआं फैलाते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। समुद्री अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन और हूती विद्रोहियों द्वारा इस्तेमाल किए गए ऐसे ही ड्रोन युद्ध के मैदान में काफी सफल और विनाशकारी साबित हुए हैं। ईरान की यह नई सैन्य रणनीति साबित करती है कि यह जंग अभी बहुत लंबी चलेगी और इसके परिणाम पूरी मानवता के लिए बेहद गंभीर होंगे।
