ईरान का अमेरिकी जंगी जहाज पर हमले का दावा: बहरीन नेवी बेस और USS अब्राहम लिंकन को नुकसान की खबर
USS Abraham Lincoln Strike: ईरान की IRGC ने अमेरिकी जंगी जहाज 'अब्राहम लिंकन' और बहरीन नेवी बेस पर हमले का दावा किया है। अमेरिका ने इसे खारिज करते हुए कहा कि हमला पूरी तरह नाकाम रहा।
- Written By: प्रिया सिंह
अमेरिकी जंगी जहाज USS अब्राहम लिंकन (सोर्स-सोशल मीडिया)
Missile Attack On Aircraft Carrier: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका को सीधे चुनौती देने का दावा किया है। अरब सागर में तैनात अमेरिकी विमानवाहक पोत पर मिसाइलों और ड्रोनों से वार करने की खबर सामने आई है। विमान वाहक पोत पर मिसाइल हमला की इस घटना ने दुनिया भर में युद्ध के फैलने की आशंका को और ज्यादा गहरा दिया है। हालांकि दावों और हकीकत के बीच विरोधाभास ने इस सैन्य टकराव को एक नया मानवीय और कूटनीतिक मोड़ दे दिया है।
ईरान का विध्वंसक हमले का दावा
ईरान की IRGC के अनुसार उन्होंने ओमान के पास तैनात अमेरिकी जंगी जहाज ‘USS अब्राहम लिंकन’ पर सटीक और घातक निशाना लगाया है। ईरानी सीमा से करीब 340 किलोमीटर दूर खड़े इस युद्धपोत को ड्रोन और मिसाइलों से भारी नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार यह जहाज अब काम करने की स्थिति में नहीं है और अपनी सुरक्षा के लिए पीछे हट रहा है।
बहरीन नेवी बेस पर निशाना
जंगी जहाज के अलावा ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिका के मीना सलमान नौसैनिक अड्डे पर भी बड़े हमले का दावा किया है। उनका कहना है कि ड्रोन हमलों के जरिए इस प्रमुख नेवी बेस को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया गया है जिससे अमेरिकी सेना को बड़ा झटका लगा है। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई उनके देश पर हो रहे लगातार हमलों का एक कड़ा और मुहंतोड़ जवाब है।
सम्बंधित ख़बरें
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का बड़ा दावा, 24 घंटे में ईरान-अमेरिका युद्ध होगा खत्म!
170 यात्रियों से भरी एयर अरेबिया फ्लाइट में तकनीकी खराबी, कोच्चि में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग
कतर ने रखी थी गैस प्लांट बंद करने की डील! ईरान के इनकार से बची दुनिया, जानें पूरा मामला
Indian Ship Attack: ओमान हमले में 4 भारतीयों की मौत की खबर झूठी? विदेश मंत्रालय ने बताई सच्चाई
अमेरिका का पलटवार और खंडन
अमेरिकी नौसेना ने ईरान के इन बड़े दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से गलत, भ्रामक और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उनकी अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियों ने ईरानी खतरे को समय रहते सफलतापूर्वक पहचान कर हवा में ही पूरी तरह नाकाम कर दिया है। नौसेना के अनुसार उनके जंगी जहाज पर एक मामूली खरोंच तक नहीं आई है और वे अपनी ड्यूटी पूरी मुस्तैदी से कर रहे हैं।
समंदर में जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी जवानों ने विमानवाहक पोत की ओर तेजी से बढ़ते एक ईरानी जहाज को कड़ी चेतावनी देने के बाद मार गिराने का दावा किया है। पहले ‘मार्क-45’ गन से चेतावनी दी गई और फिर हेलफायर मिसाइलों से लैस हेलिकॉप्टरों ने उस जहाज को समंदर में पूरी तरह ढेर कर दिया। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वे अपने सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने तक इस जंग को जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
यह भी पढ़ें: अफगानिस्तान के जवाबी हमले से दहला पाकिस्तान, कई शहरों में घुसे अफगान ड्रोन, सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
अनिश्चितता और बढ़ता तनाव
ईरान ने भी संकल्प लिया है कि जब तक डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका को उनकी गलती का सबक नहीं मिल जाता, उनके हमले जारी रहेंगे। दोनों पक्षों के अड़ियल रवैये को देखते हुए विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह भीषण जंग अभी कई हफ्तों तक और खिंच सकती है। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे ने भी हलचल बढ़ा दी है जिसमें उन्होंने ईरानी सुप्रीम लीडर के कोमा में होने की बात कही है।
