ताजा ईरानी हमलों में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iran US Military Conflict: पश्चिम एशिया में युद्ध की आग अब एक खतरनाक मोड़ ले चुकी है जहां ईरान और अमेरिका की सेनाएं आमने-सामने खड़ी हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हाल ही में अमेरिकी सेना को लेकर एक बहुत ही चौंकाने वाला और बड़ा दावा पेश किया है। ईरान का कहना है कि उनके ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ ने अमेरिकी शक्ति को गहरी चोट पहुंचाई है और उन्हें पीछे हटने पर मजबूर किया है। इस भीषण संघर्ष की वजह से पूरी दुनिया में एक विनाशकारी युद्ध का खतरा अब बहुत ही करीब और साफ दिखाई देने लगा है।
ईरान की शक्तिशाली सैन्य शाखा IRGC ने हाल ही में दावा किया कि उनके ताजा हमलों में अमेरिकी सेना को अपूरणीय और भारी क्षति हुई है। जनरल अली मोहम्मद नैनी के अनुसार ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के शुरूआती दो दिनों में ही 650 से अधिक अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं। ईरानी सेना ने अपनी मिसाइलों और उन्नत ड्रोन्स का उपयोग करके फारस की खाड़ी में स्थित कई महत्वपूर्ण अमेरिकी ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।
ईरान का दावा है कि उनके नौसैनिक बलों ने चाबहार तट से करीब 250-300 किलोमीटर दूर तैनात यूएसएस अब्राहम लिंकन पर सटीक मिसाइलें दागीं। चार शक्तिशाली क्रूज मिसाइलों के प्रहार के बाद इस विशाल अमेरिकी विमान वाहक पोत को जान बचाकर दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर की ओर भागना पड़ा। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि ईरानी रक्षा प्रणाली अब अपनी पूरी सैन्य क्षमता के साथ किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का मुकाबला करने को तैयार है।
बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर भी ईरानी मिसाइलों ने बार-बार और बहुत ही सटीक हमले किए हैं। इन हमलों में करीब 160 अमेरिकी कर्मी हताहत हुए हैं और वहां तैनात एक बड़े कॉम्बैट सपोर्ट शिप को भी काफी नुकसान पहुंचा है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका अपनी कमजोरी छिपाने के लिए इन आंकड़ों को दबा रहा है लेकिन खुफिया रिपोर्ट्स सच्चाई कुछ और ही बताती हैं।
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ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत ईरान अपनी पूरी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर रहा है जिससे पश्चिम एशिया में तनाव अब चरम पर है। युद्ध की इस भीषण आग ने न केवल इस क्षेत्र बल्कि पूरी वैश्विक सुरक्षा के लिए एक अत्यंत विनाशकारी और गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। लोग डरे हुए हैं और विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि यह सैन्य संघर्ष अब मानवता को तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर ले आया है।