खाड़ी देशों में तेल संकट: ईरान के हमलों से सऊदी-कतर में उत्पादन ठप, आसमान छू रही कीमतें
Global Energy Supply: ईरान के जवाबी हमलों ने सऊदी, कतर और इराक में तेल-गैस उत्पादन रोक दिया है। ब्रेंट क्रूड 13% बढ़कर 82 डॉलर पार कर गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने का खतरा बढ़ गया है।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान के हमलों के बाद सऊदी, कतर और इराक में तेल-गैस उत्पादन रोका (सोर्स- सोशल मीडिया)
Middle East Oil Production Halt: खाड़ी देशों की सबसे बड़ी ताकत उनके तेल और गैस के विशाल भंडार अब युद्ध की आग में झुलस रहे हैं। इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पड़ोसी देशों को निशाना बनाया है। इस तनाव के कारण सऊदी अरब और कतर जैसे प्रमुख उत्पादकों को अपना कामकाज बंद करना पड़ा है। अब पूरी दुनिया पर ऊर्जा संकट का काला साया मंडरा रहा है और महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है।
सऊदी की सबसे बड़ी रिफाइनरी पर प्रहार
सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा में ड्रोन हमलों के बाद सारा काम पूरी तरह रोक दिया गया है। यह रिफाइनरी हर दिन 5.50 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करती थी और एक्सपोर्ट टर्मिनल का मुख्य केंद्र थी। सऊदी अरामको का यह फैसला दुनिया के लिए बड़ा झटका है क्योंकि सऊदी अकेले 1.08 करोड़ बैरल तेल रोज निकालता है।
कतर की गैस सप्लाई पर लगा ब्रेक
दुनिया की 20 फीसदी गैस सप्लाई करने वाले कतर ने सुरक्षा के मद्देनजर अपना एलएनजी (LNG) उत्पादन बंद कर दिया है। ईरानी ड्रोन ने मेसाईद इंडस्ट्रियल जोन को निशाना बनाया है, जिससे वहां की पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को भारी नुकसान हुआ है। इस बंदी की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें 46 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं, जो काफी चिंताजनक है।
सम्बंधित ख़बरें
मौत को मात देकर एवरेस्ट से लौटा Nepali Guide, 6 दिनों तक लापता रहने के बाद रेंगते हुए पहुंचा बेस कैंप
अबू धाबी के BAPS मंदिर को मिला ‘Global Tolerance Award 2026’, वैश्विक सर्वोच्च सम्मान से वैश्विक स्तर पर पहचान
भारत-रूस के बीच महाडील! 200 ‘सुपरजेट’ विमानों की खरीद पर बड़ा संकेत, बदल सकता है एविएशन गेम
मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीद से लुढ़का कच्चा तेल! क्रूड ऑयल की कीमतों में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज
तेल की कीमतों में लगी आग
पश्चिमी एशिया में जारी इस भीषण तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 13 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड सोमवार को 82 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बुरा है। बाजार विशेषज्ञों को डर है कि अगर हालात जल्द काबू में नहीं आए तो तेल 100 डॉलर प्रति बैरल तक बिकेगा।
यह भी पढ़ें: ईरान पर इजराइल-अमेरिका का प्रचंड हमला… ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ में 30 महिला पायलटों ने मचाई तबाही
इजरायल और इराक भी संकट की चपेट में
इजरायल ने अपनी सबसे बड़ी लेविथान और करीश गैस फील्ड्स के साथ हाइफा रिफाइनरी में भी काम बंद कर दिया है। इराकी कुर्दिस्तान की कंपनियों ने भी एहतियात बरतते हुए तुर्की जाने वाले 2 लाख बैरल तेल का निर्यात रोक दिया है। ईरान का खार्ग आइलैंड भी धमाकों से गूंज उठा है, जहां से देश का 90 फीसदी कच्चा तेल एक्सपोर्ट किया जाता है।
