मोजतबा खामेनेई, डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Army Announcement Fight Until Victory: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच ईरान के शीर्ष सैन्य कमान ने मंगलवार को एक बड़ा और कड़ा ऐलान किया है। ईरानी सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी सशस्त्र सेनाएं ‘पूर्ण विजय’ हासिल होने तक अपनी लड़ाई को विराम नहीं देंगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने के दावे किए जा रहे हैं।
खातम-अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी ने कहा कि ईरान की सेनाएं देश की अखंडता की रक्षा में पूरी तरह अडिग और विजयी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक पूर्ण विजय प्राप्त नहीं हो जाती। हालांकि उन्होंने ‘पूर्ण विजय’ की स्पष्ट व्याख्या नहीं की लेकिन इसे अमेरिका के साथ किसी भी संभावित वार्ता में रियायत न देने की चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत चल रही है। हालांकि, ईरान ने किसी भी तरह की प्रत्यक्ष वार्ता से साफ इनकार किया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलिबफ ने इन दावों को ‘फर्जी खबर’ करार देते हुए कहा कि इनका इस्तेमाल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर के लिए किया जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि वे रूस, तुर्किये, पाकिस्तान और ओमान सहित कई क्षेत्रीय देशों के विदेश मंत्रियों के साथ युद्ध की स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं।
शांति की कोशिशों के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपना रुख सख्त रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही अमेरिका युद्धविराम पर विचार कर रहा हो लेकिन इजरायल ईरान और लेबनान पर अपने हमले जारी रखेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अभी और हमले होंगे। हालिया इजरायली बमबारी में बेरूत के दक्षिणी इलाकों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है।
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इस युद्ध की आग अब पड़ोसी देशों तक भी फैल रही है। ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी के अन्य देशों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने 19 ईरानी ड्रोन को नष्ट कर दिया है। कुवैत में हवाई रक्षा प्रणाली के कारण बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे वहां घंटों बिजली गुल रही, जबकि बहरीन में मिसाइल अलर्ट के सायरन गूंजते रहे।