पुतिन को छोड़ ट्रंप के करीब जा रहा भारत, विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्रेड डील को लेकर दिया बड़ा बयान

Jaishankar on India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच व्यापार और ऊर्जा खरीद को लेकर मतभेद हैं, लेकिन विदेश मंत्री जयशंकर ने भरोसा जताया है कि रिश्ते मजबूत हैं और समाधान की दिशा में प्रयास जारी हैं।
G7 Summit in Canada: External Affairs Minister Dr. S. Jaishankar will visit Canada for the first time since the long-standing tensions between India and Canada. During this visit, which will take place from November 11th to 13th, he will participate in the G7 Foreign Ministers' Meeting and hold several bilateral talks.
भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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India-US Relations: भारत और अमेरिका के बीच पिछले कई महीनों से तनाव चल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस से तेल खरीदने और ट्रेड डील को लेकर भारत से नाराज चल रहे हैं। इसी बीत भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने संकेत दिए है तनाव के बावजूद भारत और अमेरिका के रिश्ते मजबूत है और जल्द ही दोनों देश मिलकर कोई न कोई हाल निकाल लेगें।

जयशंकर ने बताया कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापारिक मुद्दों को लेकर मतभेद बने हुए हैं। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि व्यापार वार्ताओं के दौरान अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से अमेरिका ने भारत पर कुछ टैरिफ लागू किए हैं। भारत ने इन टैरिफ को सार्वजनिक रूप से अनुचित बताया है।

अमेरिका के साथ कुछ मुद्दों पर चर्चा जारी

उन्होंने यह भी कहा कि रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर भी एक अन्य प्रकार का टैरिफ लागू किया गया है। डॉ. जयशंकर के मुताबिक, अन्य देशों ने जिनके रूस के साथ संबंध भारत की तुलना में अधिक जटिल रहे हैं, फिर भी ऐसी खरीदारी की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सभी मुद्दों का समाधान आवश्यक है और भारत इन पर सक्रियता से कार्य कर रहा है। इसी भारत ने रूस के अपने तेल व्यापार को पहले की तुलना में कम करने के संकेत दिए हैं।

जयशंकर ने इसके अलावा यह भी जानकारी दी कि इस साल QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की दो महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें पहली बैठक राष्ट्रपति ट्रंप के सत्ता में आने के तुरंत बाद हुई थी। उन्होंने QUAD की स्थिरता और सक्रियता को रेखांकित करते हुए कहा, “QUAD आज भी जीवंत और प्रभावी है। वर्तमान चुनौतियों का संतुलित और जिम्मेदार मूल्यांकन आवश्यक है। हमें न तो समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज करना चाहिए और न ही उन्हें अत्यधिक भयावह मान लेना चाहिए।”

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका

अपने भाषण के अंत में विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने इस बात पर बल दिया कि वर्तमान वैश्विक अस्थिरता के माहौल में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, संवाद और समझौतों की निरंतरता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। भारत इसी सोच के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

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