'98% सीमा तय, लेकिन...', नेपाल के PM की टिप्पणी पर भारत ने दिया जवाब, तीसरे देश की भूमिका को नकारा

Venezuela President India Visit 2026: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति के भारत दौरे की जानकारी दी है। नेपाल सीमा विवाद पर उन्होंने तीसरे देश की भूमिका को नकार दिया।
'98% of Border Demarcated, But...': India Responds to Nepal PM's Remarks, Rules Out Role of Third Country
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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MEA ON India Nepal Border Dispute: भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को मीडिया से बताचीत की। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर सरकार का पक्ष रखा। भारत-नेपाल सीमा विवाद के संबंध में भी जायसवाल ने एक अहम बयान दिया। बातचीत में दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के भारत दौरे पर भी उन्होंने जानकारी दी।

नेपाल से सीमा विवाद पर स्पष्ट रुख

भारत-नेपाल सीमा विवाद पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों देशों के बीच सीमा के संबंध में नेपाल के प्रधानमंत्री की टिप्पणियों और नेपाली विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान को भी देखा है।

उनके अनुसार, भारत-नेपाल सीमा का लगभग 98% हिस्सा पहले ही तय किया जा चुका है, फिर भी कुछ ऐसे हिस्से हैं जिनका समाधान अभी बाकी है। इस दौरान उन्होंने किसी तीसरे देश की भूमिका को भी नकार दिया।

वेनेजुएला से संबंधों को बताया अहम

वेनेजुएला का राष्ट्रपति के भारत दौरे पर MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम में वे कई जगहों का दौरा करेंगे। उन्होंने बताया कि ऊर्जा और निवेश के क्षेत्रों में भारत वेनेज़ुएला का एक महत्वपूर्ण साझेदार है।

भारत के सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों ने वेनेज़ुएला के ऊर्जा क्षेत्र में काफी निवेश किया है। वे अपनी मौजूदगी को और बढ़ाने के लिए और ज्यादा अवसरों की तलाश में भी हैं। वेनेजुएला के राष्ट्रपति का यह दौरा 3 से 7 जून के मध्य प्रस्तावित है। इससे पहले यह दौरा 1 जून को प्रस्तावित था, जिसे बाद में टाल दिया गया।

बांग्लादेश पर भी चर्चा

भारत-बांग्लादेश के संबंधों पर बात करते हुए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 54 नदियां भारत और बांग्लादेश के बीच बहती हैं। हमारे पास एक 'संयुक्त नदी आयोग' है, जो दोनों देशों द्वारा साझा की जाने वाली सभी नदियों से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए एक व्यवस्थित द्विपक्षीय तंत्र है। उन्होंने बताया कि हम जल और नदी से जुड़े मामलों पर अपने व्यवस्थित द्विपक्षीय सहयोग के हिस्से के तौर पर इन मुद्दों पर भी विचार करेंगे।

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