सिंधु जल संधि से POK तक... भारत के कूटनीतिक प्रहार से बैकफुट पर पाक, दुनिया के सामने खुली पोल

POK Human Rights: संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की दोहरी चाल बेनकाब हो गई है। सिंधु जल संधि पर भारत की शिकायत करने पहुंचे इस्लामाबाद को भारत ने POK में मानवाधिकारों के हनन पर जमकर लताड़ा
From the Indus Waters Treaty to PoK... Pakistan on the back foot due to India's diplomatic offensive; its true face exposed to the world.
इशाक डार, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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India Exposes Pakistan In UN POK Human Rights: संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सामने बेनकाब हुआ है। पाकिस्तान की हालत उस खिलाड़ी जैसी हो गई है जो मैदान में हारने के बाद अब अंपायर के पास झूठी शिकायतें लेकर चक्कर काट रहा है।

एक तरफ इस्लामाबाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सिंधु जल संधि को लेकर भारत के खिलाफ गुहार लगा रहा है, तो दूसरी तरफ भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) की ऐसी हकीकत पेश की है कि पाकिस्तान के पास कोई जवाब नहीं बचा है।

सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान का 'जल विलाप'

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने UNSC को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि भारत नदियों के प्राकृतिक बहाव में हस्तक्षेप कर रहा है। पाकिस्तान का दावा है कि चिनाब नदी पर भारत की जल विद्युत परियोजनाएं उसकी जल, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं। पाकिस्तान के राजदूत इफ्तिखार अहमद ने तो यहां तक कह दिया कि भारत 'पानी को हथियार' की तरह इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, भारत ने साफ कर दिया है कि 65 साल पुरानी यह संधि अब समय के साथ पुरानी हो चुकी है और इसमें बदलाव की जरूरत है।

आतंकवाद और सहयोग साथ नहीं चल सकते

UN में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा कि जो देश नीतिगत तौर पर आतंकवाद का निर्यात करता है, वह सद्भावना और सहयोग के विशेषाधिकारों की मांग नहीं कर सकता। भारत ने दो टूक कहा कि सिंधु जल संधि कोई स्थिर व्यवस्था नहीं है और इसे तकनीकी रूप से अपडेट होना ही होगा। गौरतलब है कि मई 2025 में हुए आतंकी हमलों के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित कर पाकिस्तान को कड़ा आर्थिक और रणनीतिक संदेश दिया था।

POK की भयावह हकीकत

जिस समय पाकिस्तान दुनिया के सामने जल संकट का रोना रो रहा था, उसी समय भारत ने POK में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाकर उसे रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया। अनुपमा सिंह ने UNHRC में कड़े शब्दों में कहा कि POK में स्थिति यह है कि वहां रोटी मांगने वाले आम नागरिकों को गोलियां मिल रही हैं। भारत ने रावलाकोट की घटनाओं का भी उल्लेख किया, जहां पाकिस्तानी सेना और प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों पर बर्बर कार्रवाई की गई।

'फ्रेंकस्टीन स्टेट' बना पाकिस्तान

भारत ने पाकिस्तान को एक 'फ्रेंकस्टीन राज्य' करार दिया, जो अपने ही पाले हुए आतंकवाद के भस्मासुर से अब खुद परेशान है। भारत ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और एकमात्र अनसुलझा मुद्दा पाकिस्तान का अवैध कब्जा है।

इसके साथ ही भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) को भी पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा का हिस्सा बनने के लिए आड़े हाथों लिया। भारत के इस कूटनीतिक प्रहार ने यह साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय हितों और आतंकवाद के मुद्दे पर अब कोई समझौता नहीं होगा।

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