India-EU Trade Deal: यूरोपीय कारों पर टैरिफ 110% से घटकर होगा 40%, 27 देशों के लिए बड़ी खबर

India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 27 जनवरी को ऐतिहासिक 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' साइन होने जा रहा है। इसके तहत भारत यूरोपीय कारों पर लगने वाले 110% टैरिफ को घटाकर 40% कर देगा।
India-EU Trade Deal: India to Cut Tariffs on European Cars by 70 Percent
यूरोपीय कारों पर घटेगा टैरिफ (सोर्स-सोशल मीडिया)
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India to Cut Tariffs on European Cars: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के 27 देशों के बीच मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को एक बड़ा व्यापार समझौता (Trade Deal) होने वाला है। सूत्रों के अनुसार, इस समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है क्योंकि यह दोनों पक्षों के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देगा। यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने कई देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है।

कारों पर टैरिफ में भारी कटौती

भारत सरकार यूरोपीय संघ के देशों से आने वाली कारों पर लगने वाले आयात शुल्क (Tariff) में तत्काल और बड़ी कटौती करने के लिए तैयार हो गई है। वर्तमान में इन कारों पर 110 प्रतिशत टैरिफ लागू है, जिसे घटाकर पहले 40 प्रतिशत किया जाएगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में इसे और कम करके केवल 10 प्रतिशत तक लाया जा सकता है। टैरिफ में इस भारी कटौती से यूरोपीय ऑटोमोबाइल दिग्गज जैसे फॉक्सवेगन (Volkswagen), मर्सडीज-बेंज (Mercedes-Benz) और बीएमडब्ल्यू (BMW) के लिए भारतीय बाजार के दरवाजे खुल जाएंगे। इन लग्जरी कारों की कीमतों में भारी कमी आने की उम्मीद है, जिससे भारतीय ग्राहकों के लिए इन्हें खरीदना आसान होगा। हालांकि, सूत्रों ने चेतावनी दी है कि यह जानकारी गोपनीय है और अंतिम समय में इसमें कुछ बदलाव भी संभव हैं।

वैश्विक भू-राजनीतिक संदर्भ

यह डील ऐसे समय में हो रही है जब यूरोपीय संघ ने हाल ही में अमेरिका के साथ अपनी ट्रेड डील सस्पेंड की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर नियंत्रण चाहते हैं और ईयू देशों द्वारा इसका विरोध करने पर उन्होंने आठ ईयू देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। भारत और EU के बीच बढ़ती यह नजदीकी वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितता का परिणाम मानी जा रही है।

आर्थिक लाभ और निर्यात

विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से भारत की स्थिति काफी मजबूत होगी और साल 2031 तक ईयू के साथ भारत का ट्रेड सरप्लस 51 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। भारत के कुल निर्यात में यूरोपीय संघ की हिस्सेदारी मौजूदा 17.3 प्रतिशत से बढ़कर 22-23 प्रतिशत होने की संभावना है। हालांकि वर्तमान में ईयू के निर्यात बाजार में भारत का हिस्सा सिर्फ 0.8% है, लेकिन यह डील इसे जबरदस्त बढ़ावा देगी।

दशकों पुराना प्रयास

भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत लगभग एक दशक पहले शुरू हुई थी। वैश्विक स्तर पर बढ़ते व्यापारिक तनाव और अनिश्चितता को देखते हुए दोनों पक्षों ने अब इसे तेजी से आगे बढ़ाकर अंतिम रूप देने का फैसला किया है। भारतीय वाणिज्य मंत्रालय और यूरोपीय कमीशन ने फिलहाल इस पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया है।

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