होर्मुज पार कर आज गुजरात पहुंचेगा LPG टैंकर शिवालिक, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
LPG Tanker Shivalik: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। ईरान द्वारा स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज को अन्य देशों के लिए बंद किए जाने के बावजूद भारतीय झंडे वाले दो एलपीजी (LPG) टैंकर सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं,। इनमें से एक टैंकर ‘शिवालिक’ के आज यानी 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचने की उम्मीद है।
मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक बन गया है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया है, जिससे दुनिया भर की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब इस मार्ग को फिर से खुलवाने के लिए नाटो सहयोगियों से मदद की अपील कर रहे हैं।
हालांकि, भारत की सफल कूटनीति का प्रमाण यह है कि बिना किसी विदेशी सैन्य सहयोग के ईरान ने भारतीय जहाजों को मार्ग दे दिया है। भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक रूप से अच्छे संबंध रहे हैं, जिसका लाभ संकट के इस समय में भारत को मिल रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी हाल ही में इस पूरी प्रक्रिया और ईरान द्वारा दी गई अनुमति के पीछे की कहानी साझा की थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नामक दो भारतीय एलपीजी टैंकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। ये दोनों जहाज लगभग 92,712 टन एलपीजी लेकर भारत आ रहे हैं। ‘शिवालिक’ आज मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा, जबकि दूसरा टैंकर ‘नंदा देवी’ 17 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंच सकता है। ये जहाज उन 24 भारतीय पोतों में शामिल हैं, जो युद्ध शुरू होने के बाद से क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे।
#WATCH | Gujarat: Latest visuals from Mundra Port. LPG tanker Shivalik, which crossed the Hormuz Strait, will arrive here later today. pic.twitter.com/XEWEZpb0Nh — ANI (@ANI) March 16, 2026
इससे पहले 14 मार्च को भारतीय कच्चे तेल का टैंकर ‘जग लाड़की’ भी फुजैराह के पास हुए हमले के बावजूद सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा था। जब यह जहाज कच्चा तेल लोड कर रहा था, उसी समय तेल टर्मिनल पर हमला हुआ था, लेकिन चालक दल की सूझबूझ से यह लगभग 80,800 टन मुरबन कच्चे तेल के साथ रविवार को सुरक्षित निकल गया।
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भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में आयात पर निर्भर है। आंकड़े बताते हैं कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% एलपीजी आयात करता है। युद्ध से पहले तक भारत के कुल एलपीजी आयात का 85-90% हिस्सा सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से आता था, जिसके लिए हॉर्मुज का रास्ता अनिवार्य है। ऐसे में इस मार्ग का भारत के लिए खुला रहना देश की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।