भारत ने वेस्ट बैंक के मुद्दे इजरायल की आलोचना की (सोर्स- सोशल मीडिया)
India Criticize Israel on West Bank Occupation: भारत अब उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिन्होंने इजरायल के वेस्ट बैंक में उठाए गए एकतरफा कदमों की आलोचना की है। पहले भारत इस सूची में शामिल नहीं था, लेकिन 24 घंटे बाद उसने अपना नाम जोड़ लिया। जिन देशों ने इजरायल की आलोचना की, उनमें लीग ऑफ अरब स्टेट्स, यूरोपीय यूनियन, BRICS के सदस्य रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, भारत के QUAD पार्टनर ऑस्ट्रेलिया और जापान, और भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश, मालदीव, पाकिस्तान और मॉरिशस शामिल थे।
इन देशों ने अमेरिकी बोर्ड ऑफ पीस की बैठक से पहले इजरायल के वेस्ट बैंक में किए गए कदमों की निंदा की। भारत के इस बदलाव को यूटर्न कहा जा रहा है, क्योंकि पहले भारत ने इस मुद्दे से दूरी बनाई थी, लेकिन बाद में उसने इसका समर्थन किया। यह संयुक्त बयान 17 फरवरी 2026 को जारी हुआ, और इसे फिलीस्तीन के राजदूत रियाद मंसूर ने UN में पढ़ा।
भारत ने इजरायल की आलोचना करते हुए कहा कि वह वेस्ट बैंक में इजरायल की गैर-कानूनी मौजूदगी और उस पर किए गए एकतरफा फैसलों को नापसंद करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदमों से इलाके की डेमोग्राफिक स्थिति बदलने की कोशिश की जा रही है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
वेस्ट बैंक को लेकर ताजा विवाद यह है कि इजरायल ने वेस्ट बैंक के बड़े हिस्से को ‘राज्य भूमि’ यानी स्टेट लैंड घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे फिलीस्तीनी जमीन पर कब्जा मान रहा है।
इजरायल का वेस्ट बैंक पर कब्जा बढ़ाने का प्लान यह है कि वह इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए नए कानून और प्रस्ताव ला रहा है। इसके तहत, फिलीस्तीनियों के रहने वाले इलाकों में बाहरी लोगों के जमीन खरीदने पर लगी रोक को हटा दिया गया है, और उनके डॉक्यूमेंट्स की जांच की जाएगी, जिससे कुछ लोगों को हटाया जा सकता है।
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भारत की आलोचना इस वजह से हो रही थी कि शुरू में भारत ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधी थी, जबकि अन्य देशों ने इजरायल की आलोचना की। कुछ पूर्व भारतीय डिप्लोमेट्स ने सवाल उठाया था कि क्या भारत ने इजरायल का साथ चुन लिया है और क्या यह कदम अमेरिका के साथ रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा है। हालांकि, भारत ने बाद में अपनी पुरानी स्थिति को दोहराया, जो यह दिखाता है कि इजरायल के साथ दोस्ती के बावजूद, भारत फिलीस्तीन मुद्दे पर अपने सैद्धांतिक रुख पर कायम है।
Ans: भारत ने संयुक्त बयान से दूरी रखी थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव और अपनी पारंपरिक दो-राष्ट्र नीति को ध्यान में रखते हुए बाद में समर्थन दे दिया। इससे भारत ने दिखाया कि वह सिद्धांतों पर कायम है।
Ans: इजरायल ने वेस्ट बैंक के बड़े हिस्से को ‘राज्य भूमि’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की है। कई देश इसे फिलीस्तीनी जमीन पर कब्जा मानते हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताते हैं।
Ans: यह कदम दिखाता है कि इजरायल से अच्छे संबंध होने के बावजूद भारत फिलीस्तीन मुद्दे पर संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की कोशिश कर रहा है।