भारत-ब्राजील के बीच 2030 तक 30 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का नया लक्ष्य (सोर्स-सोशल मीडिया)
India Brazil Economic Partnership: भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक संबंधों ने एक नई और ऐतिहासिक ऊंचाई को छू लिया है क्योंकि दोनों देशों ने अपने व्यापारिक लक्ष्यों को दोगुना करने का फैसला किया है। नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया-ब्राजील बिजनेस फोरम’ के दौरान ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने एक विजनरी रोडमैप पेश किया। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन फिक्की और एपेक्सब्राजील जैसे प्रमुख संगठनों के सहयोग से किया गया था जिसमें भविष्य के सहयोग पर चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों राष्ट्रों ने आपसी व्यापार को 2030 तक 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने के संकल्प को दोहराया है।
राष्ट्रपति लूला ने अपने संबोधन में पिछले कुछ वर्षों में हुई व्यापारिक प्रगति पर विशेष संतोष व्यक्त किया और भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि 2006 में जहां दोनों देशों का व्यापार केवल 2.4 अरब डॉलर था, वहीं पिछले साल इसमें 25 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। अब यह व्यापारिक आंकड़ा बढ़कर 15 अरब डॉलर तक पहुंच गया है लेकिन लूला का मानना है कि यह दोनों देशों की वास्तविक क्षमता से काफी कम है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस लक्ष्य का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि वर्तमान व्यापारिक आंकड़े अभी पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने ब्राजील के पास मौजूद नायोबियम, लिथियम और लौह अयस्क जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के भंडार की ओर सबका ध्यान आकर्षित किया। भारत की मजबूत तकनीक और ब्राजील के संसाधनों के मेल से वैश्विक सप्लाई चेन को एक नई मजबूती मिलने की प्रबल संभावना जताई गई है।
इस फोरम के दौरान एयरोस्पेस और खनन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण और बड़े समझौतों पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए हैं। ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर और अडानी डिफेंस ने भारत में ई175 रीजनल जेट की असेंबली लाइन स्थापित करने का फैसला किया है। इसके अलावा एनएमडीसी, वेल और अडानी गंगावरम पोर्ट के बीच 500 मिलियन डॉलर की लागत से लौह अयस्क की सुविधा पर सहमति बनी है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने एक साथ मिलकर काम करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की दवाओं के संयुक्त शोध और उत्पादन के लिए कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के नागरिकों के लिए सस्ती और उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना है ताकि दवाओं की उपलब्धता बनी रहे।
यह भी पढ़ें: भारत-अमेरिका के बीच ‘पैक्स सिलिका’ समझौता… AI और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में होगा बड़ा सहयोग
कृषि, ऑटोमोबाइल और डिजिटल तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में भी भारत और ब्राजील के बीच सहयोग के नए और विशाल अवसर देखे जा रहे हैं। ब्राजील की कंपनियों को भारत के विशाल बाजार में निवेश करने और भारतीय स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी करने के लिए भी औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया। दोनों नेताओं ने वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में विकासशील देशों के हितों की रक्षा करने और समान अवसर सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।