

India-Bangladesh Cross Border Train Service: भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पार यात्री रेल सेवाओं को दोबारा शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। ढाका में दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों की दो दिवसीय अंतर-सरकारी बैठक आयोजित की जा रही है। इसमें मैत्री, बंधन और मिताली एक्सप्रेस को फिर से चलाने के साथ नए रेल मार्गों पर भी चर्चा हो रही है।
ये ट्रेन सेवाएं बांग्लादेश में हुई हिंसक राजनीतिक अशांति और तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से बंद हैं। भारतीय पक्ष की ओर से भी जल्द सकारात्मक खबर मिलने के संकेत दिए गए हैं।
बांग्लादेश रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, इस सप्ताह ढाका में भारत और बांग्लादेश के रेल विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की दो दिवसीय बैठक हो रही है। अंतर-सरकारी रेलवे बैठक यानी IGRM में सीमा पार यात्री सेवाओं को बहाल करने के लिए सुरक्षा, संचालन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर चर्चा की जा रही है।
दोनों देशों के बीच सहमति बनने और जरूरी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद अक्टूबर 2026 से इन ट्रेन सेवाओं को दोबारा शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इससे दोनों देशों के यात्रियों को राहत मिल सकती है।
भारत और बांग्लादेश के बीच तीन प्रमुख यात्री ट्रेन सेवाएं दोनों देशों की कनेक्टिविटी का अहम हिस्सा रही हैं। इनमें मैत्री एक्सप्रेस ढाका और कोलकाता को सीधे जोड़ती है। यह दोनों देशों के बीच सबसे प्रमुख सीमा पार यात्री रेल सेवाओं में शामिल है।
बंधन एक्सप्रेस कोलकाता को बांग्लादेश के खुलना शहर से जोड़ती है। वहीं मिताली एक्सप्रेस ढाका और पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी के बीच रेल संपर्क उपलब्ध कराती है। इन सेवाओं से यात्रियों के साथ पर्यटन और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को भी बढ़ावा मिला है।
बैठक में बांग्लादेश की ओर से राजशाही को कोलकाता से सीधे जोड़ने वाले नए रेल मार्ग का प्रस्ताव भी सामने आने की संभावना है। राजशाही बांग्लादेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से का महत्वपूर्ण शहर है।
अगर इस मार्ग को मंजूरी मिलती है, तो बांग्लादेश के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों से भारत की यात्रा आसान हो सकती है। इससे यात्रियों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में मैत्री एक्सप्रेस के मौजूदा मार्ग में बदलाव का प्रस्ताव भी चर्चा में रह सकता है। बांग्लादेश की ओर से ट्रेन को जमुना ब्रिज के बजाय पद्मा ब्रिज के रास्ते चलाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
पद्मा ब्रिज रूट से ढाका और कोलकाता के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों का सफर अधिक सुविधाजनक हो सकता है। साथ ही, इस रूट के इस्तेमाल से दोनों देशों के बीच रेल कनेक्टिविटी को नए स्तर पर ले जाने का रास्ता खुल सकता है।
मैत्री, बंधन और मिताली एक्सप्रेस की बहाली केवल रेल सेवा शुरू करने तक सीमित नहीं होगी। इससे भारत और बांग्लादेश के बीच लोगों की आवाजाही, पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बंद सीमा पार यात्री सेवाओं की बहाली दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी और द्विपक्षीय संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।