

Strengthening India Sri Lanka Ties: भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। राजनीतिक और आर्थिक सहयोग के साथ अब दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा साझेदारी पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर कोलंबो पहुंचे हैं। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, सुरक्षा साझेदारी और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री स्थिरता को और मजबूत करना है। इसके साथ ही व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और पर्यटन के क्षेत्र में भी भारत-श्रीलंका संबंधों का विस्तार हो रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ श्रीलंका पहुंचे हैं। उन्होंने श्रीलंका को भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और महासागर यानी MAHASAGAR विजन का महत्वपूर्ण साझेदार बताया है।
कोलंबो पहुंचने के बाद राजनाथ सिंह ने उम्मीद जताई कि उनकी यात्रा श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ उपयोगी और सकारात्मक बातचीत का अवसर बनेगी। इस दौरान सुरक्षा, रक्षा सहयोग और समुद्री क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा के मुताबिक, पिछले दो-तीन वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में काफी मजबूती आई है। कनेक्टिविटी, ऊर्जा, विकास, सुरक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
भारत के सहयोग से श्रीलंका में जल्द ही राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल पहचान प्लेटफॉर्म शुरू किए जाने की जानकारी भी दी गई है। इसके अलावा दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई प्रयास किए जा रहे हैं।
आर्थिक संबंधों की बात करें तो भारत श्रीलंका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है और श्रीलंकाई निर्यात के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। भारत-श्रीलंका मुक्त व्यापार समझौते का उद्देश्य भी दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना और श्रीलंका को भारतीय बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना रहा है।
वर्ष 2025 में श्रीलंका में हुए कुल विदेशी निवेश में भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी 50 फीसदी से अधिक रही। वहीं, भारत श्रीलंका के लिए पर्यटन का सबसे बड़ा स्रोत भी बना हुआ है।
श्रीलंका के आर्थिक संकट के दौरान भारत ने पड़ोसी देश को महत्वपूर्ण सहायता उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा 2025 में चक्रवात दितवा के बाद भी भारत ने तत्काल राहत और पुनर्निर्माण सहायता प्रदान की।
आपदा के बाद पुनर्निर्माण के लिए 450 मिलियन डॉलर का विशेष वित्तीय सहायता पैकेज दिया गया। इसका इस्तेमाल परिवहन, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को दोबारा मजबूत करने के लिए किया जाना था।
रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए अगस्त में श्रीलंकाई नौसेना प्रमुख वाइस-एडमिरल डेमियन फर्नांडो ने भारत का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्य और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन से मुलाकात की।
बैठकों में संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। राजनाथ सिंह की मौजूदा यात्रा इसी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। दोनों देशों का यह सहयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के MAHASAGAR विजन के तहत साझा सुरक्षा और विकास के लक्ष्यों को भी मजबूत करता है।