भारत और ऑस्ट्रिया के बीच ऐतिहासिक डील, पीएम मोदी और चांसलर स्टॉकर ने रक्षा से लेकर फिल्मों तक पर मिलाया हाथ
India Austria Strategic Partnership: पीएम मोदी और ऑस्ट्रियाई चांसलर के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में रक्षा, व्यापार, फिल्म निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
भारत-ऑस्ट्रिया समझौता, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
India Austria Strategic Partnership Defense Deal: भारत और ऑस्ट्रिया के बीच कूटनीतिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की जिसमें दोनों देशों ने आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।
बैठक के दौरान चांसलर स्टॉकर ने भारत की शानदार मेहमाननवाजी के लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण रणनीतिक और व्यावसायिक समझौतों पर मुहर लगी है।
सिनेमा और सॉफ्ट पावर को मिलेगा बढ़ावा
दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में सबसे प्रमुख ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन (Audio-Visual Co-production) संधि है। इस समझौते का उद्देश्य भारत-ऑस्ट्रिया की फिल्म इंडस्ट्रीज के बीच सहयोग को एक नई दिशा देना है। इससे न केवल संयुक्त फिल्म प्रोडक्शन की राह आसान होगी बल्कि क्रिएटिव और कल्चरल एक्सचेंज को भी मजबूती मिलेगी।
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यह समझौता भारतीय कलाकारों के लिए वैश्विक मंच पर नए अवसर खोलेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा की ‘सॉफ्ट पावर’ की पहुंच को और अधिक विस्तृत करेगा।
व्यापार और निवेश के लिए ‘फास्ट ट्रैक मैकेनिज्म’
आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों ने भारतीय और ऑस्ट्रियाई कंपनियों के लिए एक ‘फास्ट ट्रैक मैकेनिज्म’ (Fast Track Mechanism) स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है। इस व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य निवेशकों और कंपनियों के सामने आने वाली व्यापारिक बाधाओं और समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान करना है। इससे भारतीय कंपनियों के लिए ऑस्ट्रियाई बाजार तक पहुंच आसान होगी और दोनों देशों के बीच ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा।
रक्षा और सैन्य सहयोग में रणनीतिक साझेदारी
बैठक का एक और महत्वपूर्ण पहलू सैन्य मामलों में सहयोग को बढ़ाना रहा। दोनों देशों के बीच एक इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क तैयार करने पर सहमति बनी है, जो सैन्य सहयोग को औपचारिक रूप देगा। इस फ्रेमवर्क के जरिए डिफेंस इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को नई गति मिलेगी। इसके अतिरिक्त, डिफेंस पॉलिसी पर नियमित बातचीत, सैन्य प्रशिक्षण और कैपेसिटी बिल्डिंग को आसान बनाया जाएगा, जिससे भारतीय रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण को बल मिलेगा।
सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा पर साझा दृष्टिकोण
आतंकवाद की वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए भारत और ऑस्ट्रिया ने काउंटर-टेररिज्म पर एक ‘जॉइंट वर्किंग ग्रुप’ बनाने का निर्णय लिया है। यह समूह राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सूचनाओं को साझा करने और काउंटर-टेररिज्म क्षमताओं को विकसित करने पर केंद्रित होगा।
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इसके साथ ही, खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में ऑस्ट्रिया की एजेंसी एजीईएस (AGES) और भारत की एफएसएसएआई (FSSAI) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। यह साझेदारी फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड, साइंटिफिक एक्सचेंज और रिस्क असेसमेंट में सहयोग बढ़ाएगी। इस समझौते का सीधा लाभ कृषि और खाद्य उत्पादों के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने में मिलेगा, जिससे दोनों देशों के उपभोक्ताओं को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।
