अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (सोर्स -सोशल मीडिया )
US Iran Peace Talks: वर्तमान में इस्लामाबाद में जारी अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को एक सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ईरान को किसी भी तरह के हथियार भेजना चीन के लिए भारी पड़ेगा। अगर चीन इस संघर्ष में हथियार देता है तो उसे इसके बेहद गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे। अमेरिका किसी भी कीमत पर इस मौजूदा युद्धविराम के दौरान किसी भी बाहरी देश का दखल बर्दाश्त नहीं करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पत्रकारों से बातचीत में चीन को लेकर अपनी स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा है कि ईरान को हथियार भेजने की स्थिति में चीन के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच गहरी बातचीत चल रही है लेकिन जीत अमेरिका की ही होगी।
Donald Trump ने जानकारी दी है कि ईरान ने पानी में कुछ समुद्री बारूद और खतरनाक सुरंगें बिछा दी हैं। इसके जवाब में अमेरिकी माइन स्वीपर्स वहां पूरी तरह से तैनात हैं और होर्मुज़ स्ट्रेट की सफाई कर रहे हैं। वहीं ईरान ने दावा किया है कि इस क्षेत्र से कोई भी अमेरिकी सैन्य जहाज अभी तक नहीं गुजरा है।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी इंटेलिजेंस का मानना है कि ईरान को जल्द ही चीन से नए सिस्टम मिल सकते हैं। इंटेलिजेंस का अनुमान है कि चीन अगले कुछ हफ़्तों में ईरान को नया एयर डिफ़ेंस सिस्टम भेज सकता है। अमेरिका का मानना है कि चीन शायद इन हवाई सुरक्षा हथियारों की खेप को तीसरे देशों के रास्ते से भेजेगा।
वॉशिंगटन में चीनी दूतावास ने अमेरिका के इन सभी खुफिया आंकलनों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। चीन ने कहा है कि उसने इस संघर्ष में शामिल किसी भी पक्ष को कभी कोई हथियार नहीं दिए हैं। उन्होंने अमेरिका से गुजारिश की है कि वह बिना किसी ठोस सबूत के बेबुनियाद आरोप लगाने से हमेशा परहेज करे।
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टरों को मार गिराने में नए सिस्टम का इस्तेमाल हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान शायद चीनी मुख्यालय की लंबी दूरी वाली बहुत ही एडवांस मिसाइल का उपयोग कर रहा है। ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स भी इस हमले के पीछे एक नए एडवांस डिफेंस सिस्टम का हाथ बताता है।
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यह सारा तनाव ऐसे समय में हो रहा है जब डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने बहुप्रतीक्षित दौरे पर चीन जाने वाले हैं। इस महत्वपूर्ण दौरे में Donald Trump को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कई अहम मुद्दों पर सीधी बातचीत करनी है। अगर चीन हथियारों की आपूर्ति करता है तो यह अमेरिका की सुरक्षा और चल रही बातचीत के लिए एक बड़ी बाधा होगी।