शेख हसीना की बांग्लादेश में वापसी का बिगुल, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
नवभारत इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि “अल्लाह ने मुझे किसी मकसद से जिंदा रखा है” और एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब अवामी लीग के नेताओं को निशाना बनाने वालों को न्याय का सामना करना पड़ेगा। यह बात उन्होंने उस समय कही जब वह सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पार्टी के नेताओं के परिजनों से संवाद कर रही थीं। शेख हसीना पिछले साल अगस्त में उस समय भारत आई थीं, जब बांग्लादेश में छात्र आंदोलन उग्र रूप ले चुका था।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस पर तीखा हमला किया। उन्होंने यूनुस को ऐसा व्यक्ति बताया जो आम लोगों से कभी सच्चा लगाव नहीं रखता था। हसीना के अनुसार, यूनुस ने ऊंची ब्याज दरों पर लोगों को छोटी-छोटी रकम उधार दी और उस पैसे का इस्तेमाल विदेश में ऐशोआराम की जिंदगी जीने के लिए किया। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में वे यूनुस के असली चेहरे को नहीं पहचान पाईं और उसे काफी सहयोग दिया। हसीना ने आरोप लगाया कि यूनुस ने पहले खुद के लिए लाभ कमाया और फिर सत्ता की चाहत में देश को संकट में डाल दिया।
हसीना ने आगे कहा कि कभी विकास का प्रतीक माना जाने वाला बांग्लादेश अब एक ‘आतंक प्रभावित राष्ट्र’ बन गया है। “हमारे नेता और कार्यकर्ता जिस बेरहमी से मारे जा रहे हैं, उसे शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। अवामी लीग के सदस्यों के साथ-साथ पुलिस, वकील, पत्रकार और कलाकार तक को निशाना बनाया जा रहा है।”
पूर्व प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश में मीडिया की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में बलात्कार, हत्या और डकैती जैसी घटनाओं की रिपोर्टिंग पर पाबंदी है। अगर कोई मीडिया संस्थान ऐसी खबरें प्रकाशित करता है, तो उस चैनल या अखबार को निशाना बनाया जाता है।
अपने पिता और बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान समेत पूरे परिवार की दर्दनाक हत्या को याद करते हुए उन्होंने कहा, “एक ही दिन में मैंने अपने माता-पिता, भाइयों और पूरे परिवार को खो दिया। मुझे अपनों को खोने का दर्द अच्छी तरह मालूम है। अल्लाह ने मुझे बचा लिया, शायद वह मुझसे कोई नेक काम करवाना चाहता है। जिन्होंने ये अपराध किए हैं, उन्हें सज़ा जरूर मिलनी चाहिए।”
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बातचीत के दौरान आवामी लीग के कार्यकर्ताओं के एक सवाल का जवाब देते हुए हसीना ने कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही बांग्लादेश लौटेंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। जो लोग उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं या नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
हसीना ने यह भी कहा कि अल्लाह के घर में देर हो सकती है, लेकिन वहां अन्याय नहीं होता। इस बातचीत के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से देश की स्थिति की जानकारी भी ली और साथ ही यह भी कहा कि अल्लाह ने मुझे जीवित रखा है। मैं आ रही हूं।”
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार शेख हसीना को वापस लाने के प्रयास में जुटी हुई है। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान हुई एक बैठक में मोहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके साथ ही, बांग्लादेश के नेता ने प्रधानमंत्री मोदी को यह भी बताया कि शेख हसीना मीडिया में “उकसाने वाले बयान” दे रही हैं और “देश की स्थिति को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं।”