कल दी थी गूगल-एप्पल को चेतावनी, आज बहरीन में Amazon पर दागी मिसाइल; ईरान के निशाने पर अब अमेरिकी टेक कंपनियां
Iran Attack On Amazon: ईरान ने बहरीन में एमेजॉन के हेडक्वार्टर को मिसाइल से निशाना बनाया है जिससे इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। टेक दिग्गजों को दी गई चेतावनी के बाद यह हमला किया गया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
ईरान ने एमेजॉन के हेडक्वार्टर को बनाया निशाना, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Missile Attack Amazon Headquarters Bahrain: फारस की खाड़ी में जारी सैन्य तनाव अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी जगत की नींद उड़ा दी है। ईरान ने अपने पड़ोसी देश बहरीन में स्थित अमेरिकी दिग्गज कंपनी Amazon के हेडक्वार्टर को निशाना बनाकर भीषण मिसाइल हमला किया है।
यह हमला बहरीन के हमाला क्षेत्र में हुआ है जहां एमेजॉन वेब सर्विसेज (AWS) के बुनियादी ढांचे को होस्ट करने वाली कंपनी बैटेलको की इमारत स्थित है। इस हमले में टेलीकम्युनिकेशन कंपनी की बिल्डिंग को इस हमले में भारी क्षति पहुंचने की खबर है। बहरीन सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस मिसाइल हमले की पुष्टि कर दी है जिससे क्षेत्र में युद्ध की लपटें और तेज होने के आसार हैं।
आईटी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर प्रहार
विशेषज्ञों का मानना है कि एमेजॉन के दफ्तर पर हुआ यह हमला इस बात का पुख्ता संकेत है कि आधुनिक युद्ध अब पारंपरिक सैन्य ठिकानों की सीमाओं को लांघ चुका है। यह संघर्ष अब आईटी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच गया है जिसे ‘डिजिटल वारफेयर’ की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। ईरान द्वारा तकनीकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि युद्ध अब भौतिक हथियारों के साथ-साथ संचार और डेटा केंद्रों को नष्ट करने की रणनीति पर आधारित हो गया है।
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🇮🇷LATEST: IRAN REPORTEDLY STRIKES BAHRAIN FACILITY HOUSING AMAZON WEB SERVICES Iran has allegedly struck the Batelco headquarters in Bahrain, the region's primary location for Amazon Web Services (AWS). While Bahraini officials have confirmed an attack on a facility, they… pic.twitter.com/yfMEFZLHLV — BSCN (@BSCNews) April 1, 2026
18 अमेरिकी कंपनियों को दी गई थी चेतावनी
यह हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं है बल्कि इसके संकेत पहले ही मिल चुके थे। हमले से ठीक एक दिन पहले ईरानी सेना ने एक बड़ी चेतावनी जारी की थी जिसमें कहा गया था कि वे 1 अप्रैल से गूगल-माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल जैसी अमेरिका की टॉप 18 कंपनियों को निशाना बनाएंगे। एमेजॉन पर हुआ यह हमला उसी भयावह रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसने सिलिकॉन वैली की दिग्गज कंपनियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
क्षेत्रीय अस्थिरता का बढ़ता दायरा
ईरान की आक्रामकता केवल बहरीन तक ही सीमित नहीं रही है। बुधवार तड़के ईरान ने कतर के तट के पास एक तेल टैंकर और कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमले किए हैं। तेहरान द्वारा अपने खाड़ी पड़ोसियों पर किए जा रहे ये हमले इस बात का प्रमाण हैं कि वह क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
दूसरी ओर, इजरायल ने भी यमन और ईरान की ओर से आने वाली गोलाबारी के प्रति अलर्ट जारी किया है। इजरायली सेना ने लेबनान में भी हमले तेज कर दिए हैं जिसमें कई लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
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कूटनीतिक बातचीत और जमीनी हकीकत
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ जहां मिसाइलें दागी जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक गलियारों में हलचल भी तेज है। ईरान ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि वाशिंगटन के साथ संभावित युद्धविराम को लेकर उसकी सीधी बातचीत हुई है। हालांकि, जमीन पर हो रहे हमले इन दावों के विपरीत एक अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं।
