उत्तरी गाजा में नहीं पहुंच पा रही मानवीय सहायता, संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
गाजा में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच भी एक बड़ी चुनौती है। मानवीय संगठनों के नेताओं ने उत्तरी गाजा में स्थिति को 'विनाशकारी' बताया है। इजरायल से हमले को बंद करने की अनुरोध की है।
- Written By: शिवानी मिश्रा
उत्तरी गाजा (कांसेप्ट फोटो सौ.सोशल मीडिया)
गाजा: मानवीय संगठनों के नेताओं ने उत्तरी गाजा में स्थिति को ‘विनाशकारी’ बताया है। इजरायल से हमले को बंद करने की अनुरोध की है। दरअसल विश्व स्वास्थ्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष, अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन, वर्ल्ड फूड प्रोग्राम और सहायता समूहों समेत 15 संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के प्रमुखों द्वारा शुक्रवार को हस्ताक्षरित एक संयुक्त बयान जारी किया।
जिसमे संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि- उत्तरी गाजा में जो स्थिति बन रही है, वह भयावह है। ये क्षेत्र लगभग एक महीने से घेरे में है। जहां बुनियादी सहायता और65 हजार से 75 हजार फलस्तीनी नागरिक भोजन, पानी, बिजली तथा स्वास्थ्य सेवा की पहुंच से वंचित हैं। इसके साथ ही उत्तरी गाजा में पूरी फिलिस्तीनी आबादी की जिंदगी बीमारी, अकाल और हिंसा की कारण खतरे में है।
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फलस्तीनियों को सहायता से वंचित
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि उत्तरी गाजा में इजराइल ने बेत लाहिया, बेत हनून और जबालिया पर अपनी घेराबंदी जारी रखी है। वहां रहने वाले फलस्तीनियों को सहायता से वंचित रखा है। ओसीएचओ ने कहा कि इजराइल ने बेत लाहिया के 3 स्कूलों से लगभग 5,500 लोगों को जबरन गाजा सिटी भेजा है। ओसीएचए ने कहा है कि खाद्य संकट गहरा है।
इसके साथ ही गाजा के लिए संयुक्त राष्ट्र की वरिष्ठ मानवीय और पुनर्निर्माण समन्वयक सिग्रिड काग ने मंगलवार दोपहर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को जानकारी देने के दौरान पत्रकारों को कहा कि गाजा में लोग भीषण परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। और कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, लूटपाट की स्थिति है जिससे हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र और कई सहायता संगठन लाखों जरूरतमंद फलस्तीनियों को भोजन और अन्य कई वस्तुएं पहुंचाने में असमर्थ हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
