यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (सोर्स- सोशल मीडिया)
US Statement on Pakistan-Afghanistan War: संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हाल में बढ़ी हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से तुरंत शत्रुता समाप्त करने और किसी भी मतभेद को कूटनीतिक माध्यमों से हल करने की अपील की है। महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि यूएन पूरी तरह से इस बढ़ती हिंसा और इसके नागरिकों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित है।
यूएन ने अफगानिस्तान में हमलों से होने वाले प्रभाव पर विशेष ध्यान दिया है। पूर्वी अफगानिस्तान में तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग के पास ट्रांजिट और रिसेप्शन सेंटर पर हुई घटनाओं के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र ने संघर्ष के सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यूएन ने बताया कि वर्षों से चल रहे संघर्ष, गरीबी और प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा और भूकंप के कारण लगभग 2.2 करोड़ लोग पुरुष, महिला और बच्चे मानवीय सहायता पर निर्भर हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यदि दोनों पक्षों के बीच लड़ाई जारी रहती है या बढ़ती है, तो हताहतों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। यूएन अपने मानवीय साझेदारों के साथ स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है और जहां संभव हो, वहां सहायता प्रदान करना जारी रखेगा। हालांकि, इस साल की मानवीय आवश्यकता और प्रतिक्रिया योजना के लिए मांगे गए 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर में से केवल 11 प्रतिशत यानी 181 मिलियन अमेरिकी डॉलर ही प्राप्त हुए हैं, जिससे राहत प्रयास प्रभावित हो सकते हैं।
गुटेरेस ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने हाल के महीनों में ईरान और यूएई सहित अन्य देशों के मध्यस्थता प्रयासों की सराहना की और पक्षों से कूटनीति के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने की अपील दोहराई।
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पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के साथ “ओपन वॉर” की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए दुजारिक ने बताया कि काबुल में संयुक्त राष्ट्र की राजनीतिक मिशन स्थिति पर नजर रख रही है, वहां मौजूद लोगों से संपर्क बनाए रखे हुए हैं और विभिन्न स्तरों पर बातचीत जारी है। यूएन का संदेश स्पष्ट है: हिंसा को समाप्त करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब और अधिक जरूरी है, ताकि मानवीय संकट और गहरा न हो।