UN में भारत की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया)
India Slams Pakistan in UNHRC Meeting: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 55वें नियमित सत्र के उच्च-स्तरीय खंड में भारत ने पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर कड़ा जवाब दिया। भारत की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने “राइट ऑफ रिप्लाई” का उपयोग करते हुए पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने पाकिस्तान के आरोपों को “ईर्ष्या से भरा दुष्प्रचार” बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया।
अनुपमा सिंह ने कहा कि भारत को मजबूरन जवाब देना पड़ा क्योंकि पाकिस्तान और OIC ने बहुपक्षीय मंच का दुरुपयोग करते हुए निराधार आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि OIC, पाकिस्तान की राजनीतिक मजबूरियों का “प्रतिध्वनि कक्ष” बन गया है और वह बिना तथ्यों की जांच किए उसके प्रचार को दोहराता है। भारत ने स्पष्ट किया कि ऐसे आरोपों को कोई महत्व देने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन तथ्यों के आधार पर उनका खंडन करना जरूरी है।
भारत ने दोहराया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। अनुपमा सिंह ने कहा कि 1947 के भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय पूरी तरह कानूनी और अंतिम था। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र से जुड़ा एकमात्र लंबित मुद्दा पाकिस्तान द्वारा भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा है, जिसे आमतौर पर पीओके कहा जाता है। भारत ने पाकिस्तान से अपने कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करने की मांग दोहराई।
VIDEO | Switzerland: At the High-Level Segment of the 55th Regular Session of the UN Human Rights Council, First Secretary, Anupama Singh in Geneva, says, “India is compelled to exercise its right of reply in response to the references made during the high-level segment by… pic.twitter.com/uHOrmIEf4g — Press Trust of India (@PTI_News) February 26, 2026
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हुए रिकॉर्ड मतदान का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के लोगों ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद और हिंसा की विचारधारा को नकार दिया है और लोकतंत्र तथा विकास के मार्ग को चुना है।
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विकास के मुद्दे पर तंज कसते हुए अनुपमा सिंह ने कहा कि यदि पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर में बना चिनाब रेल पुल दिखाई नहीं देता, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है, तो वह “ला-ला लैंड” में जी रहा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर का विकास बजट पाकिस्तान के हालिया आईएमएफ बेलआउट पैकेज से दोगुने से अधिक है। भारत ने पाकिस्तान को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे मंचों का दुरुपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा।